“श्री वैष्णों देवी की यात्रा” JKBOSE के कक्षा 6 (Class 6th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 1 हिंदी का तेरहवां अध्याय है। यह पोस्ट Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Hindi Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में आप पाठ “श्री वैष्णों देवी की यात्रा” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Senapati Tantiya Tope Class 6th Hindi Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Hindi Question Answers
Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Summary
जम्मू से लगभग 45 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित कटड़ा वैष्णो देवी यात्रा का प्रमुख आधार स्थल है। कटड़ा की पहाड़ियों का एक भाग चित्रकूट कहलाता है, जहाँ माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा स्थित है। ऐतिहासिक प्रमाणों से पता चलता है कि प्राचीन काल से ही इस पवित्र स्थान की यात्रा होती रही है। राजा-महाराजा, ऋषि-मुनि तथा साधु-संत श्रद्धा के साथ यहाँ दर्शन करने आते रहे हैं। वैष्णो देवी का मंदिर वर्ष भर श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। यहाँ सभी धर्मों और जातियों के लोग आते हैं, जिससे यह तीर्थ-स्थल भारत की विविधता में एकता को दर्शाता है।
कटड़ा तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। इसके आगे श्रद्धालु पैदल, खच्चरों पर, पालकियों में या पिठुओं की सहायता से यात्रा करते हैं। यात्री पूरे मार्ग में “जय माता दी” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं। कटड़ा से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर दर्शन दरवाज़ा है। आगे चलकर बाणगंगा आती है, जहाँ श्रद्धालु स्नान करते हैं। इसके बाद यात्रा के लिए दो मार्ग मिलते हैं—एक चौड़ी सड़क और दूसरा पगडंडी का रास्ता। पूरे मार्ग में रोशनी, पीने के पानी, विश्राम स्थल तथा शौचालयों की अच्छी व्यवस्था है। इस पूरी व्यवस्था का संचालन श्राइन बोर्ड करता है, जिसके अध्यक्ष राज्य के राज्यपाल होते हैं।
लगभग पाँच किलोमीटर की कठिन चढ़ाई के बाद श्री चरण पादुका मंदिर आता है। यहाँ भगवती माता की चरण पादुकाएँ (खड़ाऊँ) आज भी सुरक्षित हैं। मंदिर के पास एक विशाल पीपल का वृक्ष है। आगे चलकर श्रद्धालु आदि-कुमारी मंदिर और फिर गर्भजून गुफा तक पहुँचते हैं। गर्भजून गुफा का द्वार बहुत छोटा और संकरा है, जिससे होकर गुजरना कठिन होता है, फिर भी श्रद्धालु श्रद्धा के साथ इस कठिन मार्ग को पार करते हैं। इसके बाद हाथी मथा की कठिन चढ़ाई शुरू होती है। आगे भैरों घाटी में भैरवनाथ का मंदिर स्थित है, जिसके दर्शन भक्त माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद करते हैं।
मुख्य गुफा के भीतर दिन-रात भगवती माता का कीर्तन चलता रहता है। श्रद्धालु पहले सरोवर में स्नान करते हैं और फिर छोटी गुफा से झुककर गुजरते हुए एक खुले आँगन में पहुँचते हैं। वहाँ महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की तीन पिंडियाँ स्थापित हैं। इन पिंडियों के निचले भाग से पवित्र जलधारा निकलती है। श्रद्धालु श्रद्धा और भक्ति भाव से माता की पूजा-अर्चना करते हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भक्तों को आत्मिक शांति और शक्ति प्रदान करती है।
Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Word Meanings
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मुख्यतः | प्रधानतया। |
| संकेत | इशारा। |
| जप-तप | ईश्वर का नाम जपना और तपस्या। |
| सृष्टिकर्त्ता | संसार को बनाने वाला। |
| संहारक | मारने वाला। |
| प्रतीक | चिह्न । |
| विविधता | विभिन्नता। |
| सहायक | सहायता करने वाला। |
| अद्भुत स्फूर्ति | अनोखा जोश। |
| लक्ष्य | मकसद, उद्देश्य। |
| दुर्गम | जहाँ जाना कठिन हो। |
| अभाव | कमी। |
| प्रकाश | रोशनी। |
| सुप्रबंध | अच्छा इंतज़ाम। |
| विश्राम स्थल | आराम करने का स्थान। |
| रमणीय | सुंदर। |
| दृश्य | नज़ारा। |
| पुलकित | प्रसन्न। |
| संकरा | तंग। |
| अट्टालिकाएँ | भवन। |
| प्रावधान | प्रबंध। |
| आराधना | पूजा। |
| यथाशक्ति | शक्ति के अनुसार। |
| मिष्ठान्न | मिठाई। |
| अर्पण | भेंट। |
| ध्वजा | झंडा। |
Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Question Answers
अर्थ ग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर
- ईश्वर तीन रूपों में प्रकट होते हैं । सृष्टि कर्ता के रूप में ब्रह्मा, पालनहार के रूप में विष्णु और संहारक के रूप में महेश। इन तीन रूपों की तीन शक्तियाँ मानी जाती हैं। सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली । विश्वास किया जाता है कि वैष्णों देवी ईश्वर की तीनों शक्तियों की अवतार है। माता वैष्णों देवी के मंदिर में तीन पिंडियों की पूजा की जाती है। ये तीन पिंड़ियाँ इन्हीं तीन शक्तियों की प्रतीक हैं।
(क) ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में कौन-कौन सी शक्तियाँ मानी जाती हैं ?
(ख) वैष्णों देवी के मंदिर में तीन पिंडियाँ किन की प्रतीक हैं ?
उत्तर- (क) ब्रह्मा सृष्टि की रचना करने वाले है, विष्णु पालनहार हैं, और शिव संहारक रूप में हैं। सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली इन तीनों के क्रमशः शक्तियाँ हैं । (ख) वैष्णों देवी के मंदिर में तीन पिंडियों के रूप में तीनों देवों की तीन शक्तियाँ विद्यमान हैं।
- श्री वैष्णों देवी का मंदिर भक्तों के लिए पूरा वर्ष खुला रहता है । चैत्र तथा आश्विन के नवरात्रों में माता के दर्शनों का विशेष महत्त्व माना जाता है। यहाँ विभिन्न जातियों तथा धर्मों के लोग समस्त भेद-भाव भुला कर आते हैं। एक साथ उठते- बैठते हैं। एक साथ यात्रा करते हैं। तभी तो यह धर्मस्थल भारत की विविधता में एकता उत्पन्न करने में सहायक सिद्ध होता है।
(क) माता वैष्णों देवी यात्रा का विशेष महत्त्व कब माना जाता है ?
(ख) यह धर्मस्थल भारत की विविधता में एकता किस प्रकार उत्पन्न करता है ?
उत्तर—(क) माता वैष्णों देवी यात्रा का विशेष महत्त्व चैत्र तथा आश्विन के नवरात्रों में माना जाता है।
(ख) सभी धर्मों में विश्वास करने वाले एक साथ यहाँ यात्रा पर आते हैं। वे आपसी भेद-भाव को भुला देते हैं। एक साथ उठते-बैठते और यात्रा करते हैं जिस से विविधता में एकता उत्पन्न होती है।
- गुफा प्रवेश से पहले यात्री ‘चरण गंगा‘ के जल से स्नान करते हैं । जयकारों तथा भक्ति-गीतों से समां बंध जाता है। दर्शन करने के लिए यात्रियों को एक संकरी गुफ़ा में होकर आना पड़ता है। इस में शीतल जल सदा बहता रहता है। इस में से गुज़रना कठिन होने के कारण अब दर्शनों के लिए दो सुरंगों का निर्माण किया गया है। (क) यात्रियों को दर्शन के लिए कहाँ से होकर आना पड़ता है ?
(ख) दर्शन हेतु अब क्या बदलाव किया गया है ?
उत्तर- (क) यात्रियों को दर्शन के लिए एक संकरी गुफ़ा से होकर आना पड़ता है जिस में सदा शीतल जल बहता रहता है ।
(ख) दर्शनों के लिए अब दो सुरंगों का निर्माण किया गया है जिन से मंदिर जाने और वापिस लौटने का प्रबंध हो गया है।
ध्यान देने योग्य शब्द
| चिह्न | संकेत / निशान |
|---|---|
| सृष्टिकर्ता | संसार बनाने वाला / भगवान |
| पालनहार | पालने वाला |
| संहारक | नाश करने वाला |
| उत्पन्न | पैदा |
| पगडंडी | संकरा मार्ग |
| अध्यक्ष | स्वामी |
| अट्टालिका | भवन |
| अभाव | कमी |
Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Textbook Question Answers
बोध और विचार
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्रश्न 1. देवी (शक्ति) के कोई तीन नाम लिखें।
उत्तर— देवी शक्ति के तीन नाम हैं— दुर्गा, सरस्वती और अंबिका।
प्रश्न 2. ईश्वर के तीन रूपों और उनकी विभिन्न शक्तियों के नाम लिखें।
उत्तर— ईश्वर के तीन रूप हैं— ब्रह्मा, विष्णु और महेश।
ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं, विष्णु सृष्टि का पालन करते हैं और महेश सृष्टि का संहार करते हैं।
इन तीनों की शक्तियाँ क्रमशः सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली हैं।
प्रश्न 3. ‘वैष्णों देवी’ तीर्थ पर प्रायः किन दिनों भक्तों की भीड़ अधिक होती है?
उत्तर— चैत्र तथा आश्विन मास के नवरात्रों में माता वैष्णों देवी के दर्शनों के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इन दिनों यहाँ बहुत भीड़ रहती है।
प्रश्न 4. ‘दर्शनी-दरवाज़े’ के विषय में दो वाक्य लिखें।
उत्तर—
(1) यहाँ से चित्रकूट पर्वत के दर्शन होते हैं।
(2) इससे थोड़ी दूर पर बाण-गंगा स्थित है।
प्रश्न 5. वैष्णों देवी प्रबन्धक मंडल के अध्यक्ष कौन होते हैं?
उत्तर— वैष्णों देवी प्रबंधक मंडल के अध्यक्ष राज्य के राज्यपाल होते हैं।
प्रश्न 6. ‘आदि (अर्द्ध) कुमारी’ नामक स्थान के विषय में चार वाक्य लिखें।
उत्तर—
(1) आदि (अर्द्ध) कुमारी एक अत्यंत रमणीय स्थान है।
(2) यहाँ मीलों तक फैली ऊँची-ऊँची पर्वत चोटियाँ हैं।
(3) चीड़ और देवदार के वृक्ष यहाँ का दृश्य बहुत सुंदर बनाते हैं।
(4) यहीं माता वैष्णों देवी ने तपस्या की थी और यहाँ गर्भजून गुफा स्थित है।
प्रश्न 7. ‘वैष्णों देवी’ के चरणों में प्रायः किन वस्तुओं की भेंट चढ़ाई जाती है?
उत्तर— भक्तजन माता वैष्णों देवी के चरणों में सोना-चाँदी, फल-फूल, नारियल, लाल वस्त्र और ध्वजा आदि भेंट चढ़ाते हैं।
प्रश्न 8. कटड़ा से वैष्णों भवन तक कौन-कौन से मुख्य विश्राम स्थल आते हैं?
उत्तर— कटड़ा से वैष्णों देवी तक के मुख्य विश्राम स्थल हैं—
(1) चरण पादुका
(2) आदि कुमारी
(3) साँझी छत
भाषा अध्ययन
- एक दूसरे के विपरीत अर्थ के सूचक शब्द विपरीतार्थक, विलोम तथा विपचर्य कहलाते हैं जैसे – प्राचीन का विपरीत, नवीन तथा दूर का निकट होता है। इसी प्रकार निम्न शब्दों के विपरीतार्थक शब्द लिखें —
धर्म, प्रसिद्ध, साधारण, आदि प्रकाश, उचित, सुविधा, विश्वास, साहसी, प्रत्यक्ष, संतुष्ट, पवित्र, अभाव।
उत्तर – धर्म = अधर्म ।
प्रसिद्ध = अप्रसिद्ध ।
साधारण = असाधारण ।
संहारक = पालक, रक्षक ।
आदि = अनादि ।
प्रकाश = अंधकार ।
उचित = अनुचित ।
अविश्वास ।
दुर्गम = सुगम ।
साहसी = डरपोक ।
सुविधा = असुविधा ।
विश्वास प्रत्यक्ष = परोक्ष ।
सन्तुष्ट = असंतुष्ट ।
पवित्र = अपवित्र ।
अभाव = पूर्ण।
- जिन शब्दों के अर्थों में समानता हो उन्हें पर्यायवाची अथवा समानार्थक शब्द कहते हैं। जैसे – अग्नि, आग, पावक, अनल आदि । इसी प्रकार निम्न शब्दों के तीन- तीन पर्यायवाची शब्द लिखें-
ईश्वर, काल, चरण, तीर्थ, धर्म, प्रकृति, रास्ता, भवन, दुर्गम ।
उत्तर – ईश्वर – परमात्मा, भगवान्, ईश ।
काल – अवसर, समय, मौका। मृत्यु, मरण, अंत ।
चरण – पाद, पाँव, पैर ।
तीर्थ – पुण्य स्थल, देवस्थान, पवित्र धाम ।
प्रकृति – आचरण, स्वभाव, आदत ।
रास्ता – मार्ग, पथ, मग ।
भवन – – अट्टालिका, सौध, भौन ।
दुर्गम – कठिन, मुश्किल, दुष्कर।
- पाठ में आए कोई दस सामासिक शब्द लिखें और बताएँ कि ये सामासिक शब्द किस समास से संबंधित हैं। जैसे- देवी-देवता, देवी और देवता, द्वंद्व समास ।
उत्तर – धर्मग्रंथ — तत्पुरुष ।
देवी-देवताओं — द्वंद्व ।
ऋषि-मुनि — द्वंद्व |
आस-पास — द्वंद्व ।
धर्मशाला — तत्पुरुष ।
गर्भ-जून — तत्पुरुष ।
हाथी मत्था — बहुब्रीहि ।
साँझी छत — बहुव्रीहि ।
भैरों मंदिर — तत्पुरुष ।
गुफ़ा प्रवेश — तत्पुरुष ।
भक्ति गीत — तत्पुरुष ।
Shri Vaishno Devi Ki Yatra Class 6th Hindi Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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