“मिठाईवाला” JKBOSE के कक्षा 7 (Class 7th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का तीसरा अध्याय है। यह पाठ भगवतीप्रसाद वाजपेयी द्वारा लिखित है। यह पोस्ट Mithaiwala Class 7 Hindi Chapter 3 Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में आप पाठ “मिठाईवाला” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Himalaya ki Betiyan Class 7 Chapter 2 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Mithaiwala Class 7 Hindi Chapter 3 Question Answers
Mithaiwala Class 7 Hindi Chapter 3 Summary (सार)
पाठ का सार
‘मिठाईवाला’ कहानी में बताया गया है कि एक पिता अपने परिवार से बिछुड़ जाने के बाद भी अपने बच्चों को भूल नहीं पाता। उसका जीवन अपने बच्चों के बिना सूना हो जाता है। वह अपने खोए हुए सुख और प्रेम को पाने के लिए समाज के छोटे-छोटे बच्चों में अपने बच्चों की झलक खोजने लगता है। इसी कारण वह अलग-अलग रूप धारण करके बच्चों के बीच जाता है।
सबसे पहले वह खिलौनेवाला बनकर नगर में आता है। वह मधुर स्वर में गीत गाता है, जिससे बच्चे आकर्षित होकर उसके पास आ जाते हैं। उसकी मीठी आवाज़ इतनी प्रभावशाली होती है कि घरों में रहने वाले लोग भी बाहर निकलकर उसे देखने लगते हैं। बच्चे उसके सुंदर और सस्ते खिलौनों से प्रसन्न होकर उन्हें खरीदते हैं। वह बच्चों से कम पैसे लेकर उन्हें खिलौने देता है, क्योंकि उसका उद्देश्य धन कमाना नहीं, बल्कि बच्चों के बीच रहकर अपने दुख को कम करना है।
कुछ महीनों बाद वह मुरलीवाला बनकर आता है। वह मधुर बाँसुरी बजाकर बच्चों को आनंदित करता है। बच्चे उसके चारों ओर इकट्ठा हो जाते हैं और वह सभी से स्नेहपूर्वक बातें करता है। जिन बच्चों के पास पैसे नहीं होते, उन्हें भी वह मुरली मुफ्त में दे देता है। इससे उसके प्रेम और उदारता का पता चलता है।
फिर सर्दियों में वह मिठाईवाला बनकर आता है। रोहिणी उसकी आवाज़ पहचान लेती है और उससे उसके जीवन के बारे में पूछती है। तब वह बताता है कि वह पहले बहुत धनी और सुखी व्यक्ति था। उसके दो प्यारे बच्चे और सुंदर पत्नी थी, लेकिन अब वह सब कुछ खो चुका है। वह बच्चों के बीच जाकर अपने बच्चों की यादों को ताज़ा करता है और इससे उसे मानसिक शांति मिलती है।
अंत में वह रोहिणी के बच्चों को बिना पैसे लिए मिठाई दे देता है और बच्चों को बहलाने वाला गीत गाता हुआ चला जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि उसके लिए बच्चों का प्रेम ही सबसे बड़ा धन है।
Mithaiwala Class 7 Hindi Chapter 3 Word Meanings (शब्दार्थ)
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मीठा | मस्त, मधुर गला |
| उपयुक्त | उचित, ठीक |
| विचित्र | अनोखा, जिसके समान कोई दूसरा न हो |
| अस्थिर | जो स्थिर न हो |
| स्नेहाभिषिक्त | प्रेम में डूबा हुआ |
| कंठ | गला |
| गान | गीत |
| निकट | पास |
| चिकों को | घूंघटों को |
| छज्जा | छत का आगे वाला भाग |
| अंतर्व्यापी | बीच में फैला हुआ |
| झुंड | समूह |
| पुलकित | खुश |
| इछका | इसका |
| औल | और |
| हिलोर | लहर |
| भाँति | की तरह |
| मादक | नशीला, नशे से भरा हुआ |
| मेला | मेरा |
| घोला | घोड़ा |
| केछा | कैसा |
| छु्ंदल | सुंदर |
| ऐ | है |
| निरखती रही | देखती रही |
| ज़रा-सी | थोड़ी-सी |
| उस्ताद | कुशल |
| साफ़ा | पगड़ी |
| मृदुल | कोमल |
| स्मरण | याद |
| सोथनी | पाजामा |
| अम | हम |
| बी | भी |
| लेंदे | लेंगे |
| मुल्ली | मुरली |
| हर्ष | प्रसन्न, खुश, गद्गद्, रोमांचित |
| एहसान लादना | एहसान दिखाना |
| भाव | मूल्य |
| दुअन्नी | दो आने |
| स्मृति | याद |
| क्षीण | नष्ट |
| आजानुलंबित | घुटनों तक लंबे |
| केश राशि | बालों का समूह |
| झट से | तुरंत |
| चिक | घूंघट |
| पोपला मुँह | जिसमें दाँत न हों |
| चेष्टा | इच्छा |
| संशय | संदेह |
| विस्मयादि भावों में | हैरानी से युक्त भावों में |
| अनुमान | अंदाज़ा |
| व्यर्थ | बेकार |
| चर्चा | बात |
| अतिशय | बहुत अधिक |
| प्रतिष्ठित | अमीर |
| सजीव | जीते-जागते |
| कोलाहल | शोर |
| विधाता की लीला | ईश्वर की लीला |
Mithaiwala Class 7 Hindi Chapter Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
कहानी से
प्रश्न 1. मिठाईवाला अलग-अलग चीजें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था ?
उत्तर— मिठाईवाला अलग-अलग वस्तुएँ इसलिए बेचता था ताकि वह बच्चों के बीच अलग-अलग रूपों में जाकर उनसे स्नेह कर सके और उनके साथ समय बिताकर अपने मन का दुख कम कर सके। वह महीनों बाद इसलिए आता था क्योंकि यह उसका असली व्यवसाय नहीं था। वह पहले एक अमीर व्यक्ति था और केवल बच्चों में अपने बच्चों की झलक देखने तथा मानसिक संतोष पाने के लिए ही आता था।
प्रश्न 2. मिठाईवाले में वे कौन-से गुण थे जिनकी वजह से बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी ओर खिंचे चले आते थे ?
उत्तर— मिठाईवाले की वाणी बहुत मधुर थी और वह गीत गाकर सामान बेचता था। वह सबके साथ प्रेम और अपनत्व से बात करता था। उसका स्वभाव सरल, कोमल और दयालु था। वह बच्चों की पसंद की चीजें लाता था और कई बार उन्हें मुफ्त में भी दे देता था। इन्हीं गुणों के कारण बच्चे और बड़े दोनों उसकी ओर खिंचे चले आते थे।
प्रश्न 3. विजय बाबू एक ग्राहक थे और मुरलीवाला एक विक्रेता । दोनों अपने-अपने पक्ष के समर्थन में क्या तर्क पेश करते हैं ?
उत्तर— विजय बाबू का कहना था कि दुकानदार अक्सर ग्राहकों को धोखा देते हैं और सस्ती चीजें देकर एहसान जताते हैं। दूसरी ओर मुरलीवाले ने कहा कि ग्राहकों को दुकानदार की असली लागत का पता नहीं होता। चाहे वह नुकसान उठाकर चीजें बेच दे, फिर भी लोग यही समझते हैं कि दुकानदार उन्हें ठग रहा है। इसलिए हर ग्राहक आसानी से विश्वास नहीं करता।
प्रश्न 4. खिलौनेवाले के आने पर बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होती थी ?
उत्तर— जब खिलौनेवाला आता था तो खेलते हुए बच्चे तुरंत उसके पास पहुँच जाते थे और उसे घेर लेते थे। वे उसके खिलौनों को देखकर बहुत खुश होते थे। अपनी तोतली बोली में उनसे दाम पूछते और पैसे देकर खिलौने खरीद लेते थे। फिर खुशी से उछलते-कूदते और अपने खिलौनों की तुलना एक-दूसरे से करने लगते थे।
प्रश्न 5. रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से खिलौनेवाले का स्मरण क्यों हो आया ?
उत्तर— मुरलीवाले की आवाज़ और गीत बिल्कुल वैसे ही थे जैसे पहले आए खिलौनेवाले के थे। दोनों ही मधुर स्वर में बच्चों को आकर्षित करते थे। इसी समानता के कारण रोहिणी को लगा कि यह वही व्यक्ति है।
प्रश्न 6. किसकी बात सुनकर मिठाईवाला भावुक हो गया था ? उसने इन व्यवसायों को अपनाने का क्या कारण बताया ?
उत्तर— दादी की बात सुनकर मिठाईवाला भावुक हो गया, क्योंकि उसे अपना पुराना सुखी परिवार याद आ गया। उसने बताया कि वह पहले बहुत धनी था, लेकिन अब उसके पास पत्नी और बच्चे नहीं रहे। वह बच्चों के बीच जाकर अपने बच्चों की झलक देखता है और इसी से उसे मानसिक शांति मिलती है। इसलिए उसने ये काम अपनाए।
प्रश्न 7. ‘अब इस बार ये पैसे न लूंगा” – कहानी के अंत में मिठाईवाले ने ऐसा क्यों कहा ?
उत्तर— जब उसे अपने बीते जीवन की याद आई तो वह बहुत दुखी हो गया। चुन्नू-मुन्नू में उसे अपने बच्चों की छवि दिखाई दी। प्रेम और भावुकता के कारण उसने उन्हें बिना पैसे लिए मिठाई दे दी और कहा कि वह इस बार पैसे नहीं लेगा।
प्रश्न 8. इस कहानी में रोहिणी चिक के पीछे से बात करती है। क्या आज भी औरतें चिक के पीछे से बात करती हैं ? यदि करती हैं तो क्यों ? आप की राय में क्या यह सही है ?
उत्तर— आज के समय में अधिकतर महिलाएँ पर्दे के पीछे से बात नहीं करतीं। फिर भी कुछ स्थानों पर परंपरा या परिवार के दबाव के कारण ऐसा देखा जा सकता है। मेरी राय में आज स्त्री-पुरुष को समान अधिकार प्राप्त हैं, इसलिए महिलाओं को भी खुलकर अपनी बात कहने का अवसर मिलना चाहिए। आत्मविश्वास और स्वतंत्रता आधुनिक समाज की पहचान है, इसलिए पर्दे की प्रथा धीरे-धीरे समाप्त होनी चाहिए।
कहानी से आगे
प्रश्न 1. मिठाईवाले के परिवार के साथ क्या हुआ होगा ? सोचिए और इस आधार पर एक और कहानी बनाइए ।
संभव है कि मिठाईवाले के परिवार के साथ कोई भयानक दुर्घटना हुई हो। वह पहले रामचरण दास नाम का एक धनी सेठ था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चे थे। वह बहुत दयालु और उदार व्यक्ति था। हर त्योहार, विशेषकर दीपावली पर, वह लोगों को भोजन कराता और गरीबों को दान देता था। उसका जीवन सुख और आनंद से भरा हुआ था।
एक बार दीपावली की रात उसके घर में पटाखों के कारण अचानक आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि उसकी पत्नी और बच्चे उसमें फँस गए और उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दुखद घटना से सेठ को बहुत गहरा आघात पहुँचा। वह लंबे समय तक बीमार और उदास रहने लगा। उसका जीवन जैसे रुक गया था।
कई वर्षों तक इलाज के बाद एक दिन उसने अस्पताल में एक फेरीवाले की मधुर आवाज़ सुनी। वह उस आवाज़ से बहुत प्रभावित हुआ। तब उसके मन में विचार आया कि यदि वह भी बच्चों के बीच जाएगा तो शायद अपने दुख को कम कर सकेगा। उसने खिलौने बेचने का काम शुरू कर दिया। वह गलियों में मधुर स्वर में पुकार लगाता और बच्चों को अपने पास बुलाता। वह उनसे प्यार से बातें करता और बहुत कम दाम में खिलौने देता, कभी-कभी बिना पैसे भी दे देता।
एक दिन राम और श्याम नाम के दो बच्चे उससे खिलौने लेकर घर आए। उनकी माँ प्रेमा को आश्चर्य हुआ कि इतने सस्ते खिलौने कैसे मिल गए। कुछ दिनों बाद जब वह फिर आया, तो प्रेमा ने उसे बुलाकर कारण पूछा। पहले तो वह टालता रहा, लेकिन आग्रह करने पर उसने अपना दुखभरा जीवन बताया। उसने कहा कि वह पहले बहुत अमीर था, पर एक दुर्घटना में उसका पूरा परिवार समाप्त हो गया। अब वह बच्चों में अपने बच्चों की झलक पाकर ही जी रहा है।
इतना कहते-कहते वह भावुक हो गया और रोने लगा। फिर वह अपने खिलौनों की पोटली उठाकर बच्चों को बहलाने वाला गीत गाता हुआ वहाँ से चला गया।
प्रश्न 2. हाट-मेले, शादी आदि आयोजनों में कौन-कौन-सी चीजें तुम्हें सबसे ज़्यादा आकर्षित करती हैं। उनको सजाने-बनाने में किसका हाथ होगा ? उन चेहरों के बारे में लिखिए।
उत्तर— हाट-मेले, खिलौने तथा शादी आयोजनों में हमें मिठाइयाँ सबसे आकृष्ट करती हैं। उनको सजाने-बनाने में कारीगरों और दुकानवालों का हाथ होगा । हाट – मेले में काम करने वाले कर्मचारी वस्तुओं को सजाते होंगे। शादी में हलवाई मिठाई बनाता है तथा अनेक बहरे उसे सजाते हैं। शादी में पांडाल सजाने वाला पांडाल को सजाता है, बनाता है।
प्रश्न 3. इस कहानी में मिठाईवाला दूसरों को प्यार और खुशी देकर अपना दुःख कम करता है ? इस मिजाज़ की और कहानियाँ, कविताएं ढूँढ़िए और पढ़िए ।
उत्तर — अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से स्वयं कीजिए ।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1. आपकी गलियों में कई अजनबी फेरीवाले आते होंगे। आप उनके बारे में क्या-क्या जानते हैं ? अगली बार जब आपकी गली में कोई फेरीवाला आए तो उससे बातचीत कर जानने की कोशिश कीजिए ।
उत्तर – हमारी गलियों में अनेक अजनबी फेरीवाले आते रहते हैं। उनके बारे में हम अग्रलिखित बातें जानते हैं-
(i) उनके चरित्र के बारे में जानते हैं
(ii) उनके रंग-रूप, कद का पता है ।
(iii) वे कौन-कौन सी वस्तुएं बेचते हैं, यह पता है।
(iv) उनके नाम जानने लगे हैं।
प्रश्न 2. आपके माता-पिता जी के ज़माने से लेकर अब तक फेरी की आवाज़ों में कैसा बदलाव आया है ?
उत्तर—हमारे माता-पिता जी के ज़माने में फेरीवाले अधिक संख्या में आते थे । वे एक स्वर में बोला करते थे। उस समय उनका सामान भी ज़्यादा बिकता था । अतः वे मधुरता से बोलते थे। लेकिन अब फेरीवाले कुछ रूखे – रूखे-से बोलते हैं।
प्रश्न 3. आपको क्या लगता है— वक्त के साथ फेरी के स्वर कम हुए हैं ? कारण लिखिए ।
उत्तर – वक्त के साथ फेरी के स्वर कम हो गए हैं क्योंकि आधुनिक युग में बाज़ार बढ़ गए हैं। गाँव-गाँव में अब छोटी-बड़ी दुकानें खुल गई हैं। फिर लोगों का मानना है कि फेरीवाले घटिया किस्म का माल रखते हैं। इसलिए वे फेरीवाले की अपेक्षा बाज़ार से सामान खरीदना चाहते हैं।
भाषा की बात
प्रश्न 1. मिठाईवाला बोलनेवाली गुड़िया
ऊपर ‘वाला‘ का प्रयोग है। अब बताइए कि —
(क) ‘वाला‘ से पहले आने वाले शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि में से क्या हैं ?
(ख) ऊपर लिखे वाक्यांशों में उनका क्या प्रयोग है ?
उत्तर—(क) ऊपर पाठ में दिए ‘वाला’ प्रयोग वाले शब्द संज्ञा और विशेषण हैं।
(ख) ऊपर लिखे वाक्यांशों में उनका विशेषण के रूप में प्रयोग है।
(ग) ‘मिठाई’ शब्द संज्ञा है और ‘वाला’ शब्द मिठाई बेचने वाले को व्यक्त करता है।
(घ) ‘बोलने वाली गुड़िया’ में ‘बोलने वाली’ विशेषण शब्द है और ‘गुड़िया’ संज्ञा शब्द है – वह गुड़िया जो बोलती है।
प्रश्न 2. ” अच्छा मुझे ज़्यादा वक्त नहीं, जल्दी से दो ठो निकाल दो।“
उपर्युक्त वाक्यों में ‘ठो‘ के प्रयोग की ओर ध्यान दीजिए। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की भाषाओं में इस शब्द का प्रयोग संख्यावाची शब्द के साथ होता है, जैसे- भोजपुरी में –
एक ठो लइक़ा
चार ठे आलू
तीन ठे बटुली ।
ऐसे शब्दों का प्रयोग भारत की कई अन्य भाषाओं / बोलियों में भी होता है । कक्षा में पता कीजिए कि किस-किस की भाषा-बोली में ऐसा है । इस पर सामूहिक बातचीत कीजिए ।
उत्तर- ऐसे शब्दों का प्रयोग अवधी, झारखंड, बांग्ला, असमिया, आदि भाषाओं/ बोलियों में होता है।
प्रश्न 3. “वे भी, जान पड़ता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।”
“क्यों भई, किस तरह देते हो मुरली ?”
“दादी, चुनू-मुन्नू के लिए मिठाई लेना है। जरा कमरे में चलकर ठहराओ।”
भाषा के ये प्रयोग आजकल पढ़ने-सुनने में नहीं आते। आप ये बातें कैसे कहेंगे?
उत्तर- (i) वे भी, लगता है, पार्क में खेलने निकल गए हैं।
(ii) क्यों भई, किस तरह बेचते हो मुरली ?
(iii) दादी, चुन्नू-मुन्नू के लिए मिठाई लेनी है। ज़रा मिठाई वाले को कमरे में बुलवाओ।
Mithaiwala Class 7 Hindi Chapter 3 Question Answer के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
Leave a Reply