कविता “एक तिनका” JKBOSE के कक्षा 7 (Class 7th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का सातवां अध्याय है। यह कविता सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखित है। यह पोस्ट Ek Tinka Class 7 Hindi Chapter 7 Poem Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में आप कविता “एक तिनका” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Rahim Ke Dohe Class 7 Hindi Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Ek Tinka Class 7 Hindi Chapter 7 Poem Question Answers
Ek Tinka Class 7 Hindi Chapter 7 Poem Summary (सार)
कविता का सार
‘एक तिनका’ कविता में अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ ने यह स्पष्ट किया है कि अहंकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे तोड़ने के लिए कभी-कभी एक छोटी-सी घटना ही पर्याप्त होती है। कवि बताता है कि वह एक दिन किसी अज्ञात अहंकार में डूबा हुआ छत की मुंडेर पर खड़ा था। तभी कहीं से उड़कर आया एक छोटा-सा तिनका उसकी आँख में पड़ गया।
उस तिनके ने कवि को अत्यंत बेचैन कर दिया। दर्द और असहजता में वह आँखें मलने लगा और आसपास के लोग उसकी सहायता के लिए जुट गए। दूसरों को अपनी मदद करते देखकर कवि की सारी अकड़ चुपचाप समाप्त हो गई। अंततः बहुत प्रयास के बाद जब तिनका आँख से निकल गया, तो कवि की अंतरात्मा ने उसे धिक्कारा—एक तुच्छ-सा तिनका उसकी सारी घमंडभरी अकड़ ढीली कर चुका था।
कविता का मूल संदेश यह है कि मनुष्य को स्वयं पर घमंड नहीं करना चाहिए। अहंकार को चूर-चूर करने के लिए कभी-कभी सबसे छोटी और साधारण वस्तु भी पर्याप्त सिद्ध होती है।
Ek Tinka Class 7 Hindi Chapter 7 Poem Explanation (सरलार्थ)
सप्रसंग सरलार्थ
1. मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ,
एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा।
आ अचानक दूर से उड़ता हुआ,
एक तिनका आँख में मेरी पड़ा।
शब्दार्थ – घमंड = अहंकार। ऐंठ = अकड़ । मुंडेर = छत का किनारा।
प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिंदी की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग-2 में संकलित कविता ‘एक तिनका’ से ली गई हैं। कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से यह बताया है कि अहंकारी व्यक्ति के घमंड को तोड़ने के लिए कभी-कभी एक तिनका जैसी तुच्छ वस्तु भी पर्याप्त होती है।
सरलार्थ – इन पंक्तियों में कवि कहता है कि एक दिन वह किसी अज्ञात अहंकार में डूबा हुआ छत की मुंडेर पर अकड़ कर खड़ा था। तभी अचानक हवा में उड़ता हुआ एक छोटा-सा तिनका उसकी आँख में आकर गिर गया। उस तिनके ने उसकी सारी अकड़ और घमंड को चुनौती दे दी।
2. मैं झिझक उठा, हुआ बेचैन -सा,
लाल होकर आँख भी दुखने लगी।
मूँठ देने लोग कपड़े की लगे,
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी।
शब्दार्थ – झिझक = हिचकिचाना। बेचैन = दर्द से दुःखी होना। मूँठ दबे पाँव भागना = चुपचाप चले जाना।
प्रसंग – प्रस्तुत पद्यांश हमारी हिंदी की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग-2 में संकलित कविता ‘एक तिनका’ से लिया गया है। इसमें कवि ने यह स्पष्ट किया है कि अहंकारी व्यक्ति के घमंड को तोड़ने के लिए कभी-कभी एक तिनका भी पर्याप्त होता है।
सरलार्थ – कवि कहता है कि आँख में तिनका पड़ते ही वह पहले चौंक गया और फिर दर्द के कारण अत्यंत बेचैन हो उठा। तिनके की रगड़ से उसकी आँख लाल होकर दुखने लगी। आँख से तिनका निकालने के लिए लोग कपड़े की मूँठ बनाकर आँख को दबाने लगे। इतने लोगों को एक छोटे-से तिनके के सामने विवश देखकर कवि की सारी अकड़ और घमंड चुपचाप समाप्त हो गए।
3. जब किसी ढब से निकल तिनका गया,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
ऐंठता तू किस लिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।
शब्दार्थ – ढब = तरीका, उपाय। ताना = धिक्कारना।
प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिंदी की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग-2 में संकलित कविता ‘एक तिनका’ से उद्धृत हैं। कवि ने इन पंक्तियों में यह स्पष्ट किया है कि अहंकारी व्यक्ति के अहंकार को तोड़ने के लिए एक तिनका भी पर्याप्त होता है।
सरलार्थ – कवि कहता है कि बहुत प्रयास करने के बाद किसी उपाय से उसकी आँख से तिनका निकल गया। तिनका निकलते ही उसकी समझ रूपी आत्मा ने उसे धिक्कारा और कहा कि वह इतना अधिक अहंकार क्यों करता था, जब वह एक छोटे-से तिनके के सामने भी विवश हो गया। उसके घमंड को तोड़ने के लिए एक तिनका ही काफी सिद्ध हुआ।
Ek Tinka Class 7 Hindi Chapter 7 Poem Question Answers (प्रश्नों के उत्तर)
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
कविता से
प्रश्न 1. नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्य में बदलिए । जैसे – एक तिनका आँख में मेरी पड़ा-मेरी आँख में एक तिनका पड़ा।
मूँठ देने लोग कपड़े की लगे- लोग कपड़े की मूँठ देने लगे।
(क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा— ……………………….
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी— ……………………….
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भागी— ……………………….
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया— ……………………….
उत्तर — (क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा— जब एक दिन मुंडेरे पर खड़ा था।
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी— आँख भी लाल होकर दुखने लगी।
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भागी— बेचारी ऐंठ दबे पाँवों भगी।
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया— जब तिनका किसी तरीके से निकल गया।
प्रश्न 2. एक तिनका‘ कविता में किस घटना की चर्चा की गई है, जिससे घमंड नहीं करने का संदेश मिलता है?
उत्तर— अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की कविता ‘एक तिनका’ में एक अहंकारी व्यक्ति के साथ घटी घटना का वर्णन है। कवि बताता है कि एक व्यक्ति अपने घमंड में डूबा हुआ छत की मुंडेर पर खड़ा था। तभी अचानक एक छोटा-सा तिनका उसकी आँख में आकर गिर गया। तिनके की चुभन से वह बहुत परेशान हो गया और उसे निकालने के लिए दूसरों की सहायता लेनी पड़ी। इस घटना से यह संदेश मिलता है कि अहंकार को तोड़ने के लिए एक तिनका जैसी तुच्छ वस्तु भी पर्याप्त होती है। इसलिए मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 3. आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?
उत्तर— आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की दशा अत्यंत खराब हो गई। तिनके की चुभन से वह बेचैन हो उठा। दर्द के कारण वह बार-बार अपनी आँख रगड़ने लगा, जिससे उसकी आँख लाल हो गई। वह एक छोटे-से तिनके के सामने स्वयं को असहाय और विवश अनुभव करने लगा।
प्रश्न 4. घमंडी की आँख से तिनका निकालने के लिए उसके आस-पास लोगों ने क्या किया?
उत्तर— घमंडी की आँख में तिनका पड़ने पर उसे अत्यधिक कष्ट हुआ। यह देखकर आसपास के लोग उसकी सहायता के लिए आ गए। सब लोग अपने-अपने ढंग से तिनका निकालने का प्रयास करने लगे। कुछ लोगों ने कपड़े की मूँठ बनाकर उसकी आँख को दबाया। बहुत प्रयासों के बाद वह तिनका उसकी आँख से निकल सका।
प्रश्न 5. ‘एक तिनका‘ कविता में घमंडी को उसकी ‘समझ‘ ने चेतावनी दी—
ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।
इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-
तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय।
कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय॥
इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर ? लिखिए ।
उत्तर- ‘एक तिनका’ कविता में कवि यह समझाता है कि मनुष्य को अपने ऊपर घमंड नहीं करना चाहिए। एक छोटा-सा तिनका भी बड़े-से-बड़े अहंकार को तोड़ सकता है। इसी प्रकार कबीर ने अपनी साखी में चेतावनी दी है कि तिनके जैसी छोटी वस्तु का भी अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि वही तिनका उड़कर आँख में पड़े तो असहनीय पीड़ा दे सकता है।
समानता—
दोनों रचनाओं में अहंकार न करने और छोटी वस्तुओं के महत्व को समझने का संदेश दिया गया है।
अंतर—
‘एक तिनका’ कविता में कवि अपने व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से शिक्षा देता है, जबकि कबीर की साखी सामान्य जीवन-अनुभव के आधार पर उपदेशात्मक शैली में सत्य प्रस्तुत करती है।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1. इस कविता को कवि ने ‘मैं‘ से आरंभ किया है— ‘मैं घमंडों से भरा ऐंठा ।‘ कवि का यह ‘मैं‘ कविता पढ़नेवाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब हुआ। अनुभव यह होगा कि कविता पढ़नेवाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं‘ की जगह ‘वह‘ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव आ जाएगा। कविता में ‘मैं‘ के स्थान पर ‘वह‘ या कोई नाम लिखकर वाक्यों में बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
उत्तर – आप अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से स्वयं कीजिए।
प्रश्न 2. नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ‘ ने यों मुझे ताने दिए।
इन पंक्तियों में ‘ऐंठ‘ और ‘समझ‘ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ‘ और ‘समझ‘ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनका अभिनय कैसा होता?
उत्तर – यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनका अभिनय लड़ाई-झगड़े की अधिकता के कारण दर्शकों को स्वाभाविक और सहज लगता क्योंकि हर व्यक्ति के हृदय में दोनों भाव सदा विद्यमान रहते हैं। दर्शकों को ऐसा प्रतीत होता कि उन के मन के भाव ही उनके सामने मंच पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने का प्रयत्न कर रहे हों।
प्रश्न 3. नीचे दी गई कबीर की पंक्तियों में ‘तिनका ‘ ‘ शब्द का प्रयोग एक से अधिक बार किया गया है। इनके अलग-अलग अर्थों की जानकारी प्राप्त करें।
उठ बबूला प्रेम का, तिनका उड़ा अकास।
तिनका-तिनका हो गया, तिनका तिनके पास।।
उत्तर — तिनका – कमजोर, विवश, भक्ति से रहित। तिनका – तिनका – टुकड़ा टुकड़ा होना, बिखर जाना।
तिनका – जिनका।
तिनके- उनके, परमात्मा के।
भाषा की बात
‘किसी ढब से निकलना‘ का अर्थ है किसी ढंग से निकलना ‘ढब से‘ जैसे कई वाक्यांशों से आप परिचित होंगे, जैसे- धम से वाक्यांश है लेकिन ध्वनियों में समानता होने के बाद भी ढब से और धम से जैसे वाक्यांशों के प्रयोग में अंतर है । ‘धम से‘, ‘धप से‘ इत्यादि का प्रयोग ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने के लिए किया जाता है। नीचे कुछ ध्वनि द्वारा क्रिया को सूचित करने वाले वाक्यांश और कुछ अधूरे वाक्य दिए गए हैं। उचित वाक्यांश चुनकर वाक्यों के खाली स्थान भरिए —
(छप से, टप से, थर्र से, फुर्र से, सन् से)
(क) मेंढक पानी में …………. कूद गया।
(ख) नल बंद होने के बाद पानी की एक बूँद …………. चू गई।
(ग) शोर होते ही चिड़िया …………. उड़ी।
(घ) ठंडी हवा …………. गुज़री, मैं ठंड में …………. काँप गया।
उत्तर — (क) मेंढक पानी में छप से कूद गया।
(ख) नल बंद होने के बाद पानी की बूँद टप से चू गई।
(ग) शोर होते ही चिड़िया फुर्र से उड़ी ।
(घ) ठंडी हवा सन् से गुज़री, मैं ठंड में थर्र से काँप गया।
Ek Tinka Class 7 Hindi Chapter 7 Poem Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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