कविता “शाम-एक किसान” JKBOSE के कक्षा 7 (Class 7th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का पांचवां अध्याय है। यह कविता सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखित है। यह पोस्ट Sham Ek Kisan Class 7 Hindi Poem Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में आप कविता “शाम-एक किसान” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Papa Kho Gye Class 7 Hindi Chapter 4 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Sham Ek Kisan Class 7 Hindi Poem Question Answers
Sham Ek Kisan Class 7 Hindi Poem Summary (सार)
कविता का सार
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा रचित कविता ‘शाम : एक किसान’ में कवि ने जाड़े की शाम के प्राकृतिक दृश्य को किसान के रूपक के माध्यम से बहुत सुंदर और कल्पनाशील ढंग से प्रस्तुत किया है।
कवि को शाम के समय पहाड़ एक किसान के समान प्रतीत होता है, जो शांत भाव से बैठा है। उसके सिर पर फैला आकाश साफ़े की तरह लगता है। डूबता हुआ सूर्य ऐसा प्रतीत होता है मानो किसान चिलम पी रहा हो। पहाड़ के घुटनों पर बहती नदी चादर के समान दिखाई देती है। पास में खड़ा पलाश का जंगल अपने लाल फूलों के कारण अंगीठी की तरह दहकता हुआ लगता है।
पूर्व दिशा में फैला घना अंधकार समूह में बैठी भेड़ों जैसा दिखाई देता है। चारों ओर सन्नाटा छा जाता है और वातावरण शांत हो जाता है। तभी अचानक मोर की आवाज़ सुनाई देती है, जो ऐसा लगता है जैसे कोई पुकार रहा हो—“सुनते हो?”
इसके बाद किसान चिलम उलट देता है, आग बुझ जाती है, धुआँ उठता है और सूर्य पश्चिम दिशा में डूब जाता है। धीरे-धीरे शाम समाप्त हो जाती है और रात का अंधेरा पूरे वातावरण पर छा जाता है।
Sham Ek Kisan Class 7 Hindi Poem Explanation (सप्रसंग सरलार्थ)
सप्रसंग सरलार्थ एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर
1. आकाश का साफ़ा बाँधकर
सूरज की चिलम खींचता
बैठा है पहाड़,
घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी,
पास ही दहक रही है
पलाश के जंगल की अँगीठी।
अँधकार दूर पूर्व में
सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा।
शब्दार्थ – साफ़ा = सिर पर बाँधने वाली पगड़ी। सूरज = सूर्य । चिलम = हुक्के के ऊपर रखने वाली वस्तु। चादर-सी = चादर के समान । दहक रही है = जल रही है। पलाश = एक प्रकार का वृक्ष जिस पर लाल रंग के फूल लगते हैं। अँधकार = अँधेरा । पूर्व में = पूर्व दिशा में । सिमटा = दुबका हुआ। गल्ले-सा = समूह के समान।
प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी हिंदी की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 में संकलित सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा रचित कविता ‘शाम : एक किसान’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने जाड़े की शाम के प्राकृतिक दृश्य को किसान के रूपक के माध्यम से अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया है।
सरलार्थ – कवि कहता है कि जाड़े की शाम में पहाड़ एक किसान की तरह शांत भाव से बैठा हुआ प्रतीत होता है। उसके सिर पर फैला आकाश साफ़े के समान लगता है और डूबता हुआ सूर्य ऐसा दिखाई देता है जैसे वह चिलम पी रहा हो। पहाड़ के घुटनों पर बहती नदी चादर की तरह फैली हुई लगती है। पास ही पलाश के जंगल में खिले लाल फूल जलती हुई अँगीठी के समान दहकते हुए दिखाई देते हैं। दूर पूर्व दिशा में अँधेरा भेड़ों के झुंड की तरह सिमटकर बैठा हुआ प्रतीत होता है।
2. अचानक बोला मोर।
जैसे किसी ने आवाज़ दी—
“सुनते हो।”
चिलम आँधी,
धुआँ उठा—
सूरज डूबा,
अँधेरा छा गया।
शब्दार्थ – आँधी = उलटी, नीचे की ओर। सूरज डूबा = सूर्य अस्त हुआ ।
प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियाँ सर्वेश्वर दयाल सक्सेना द्वारा रचित कविता ‘शाम : एक किसान’ से ली गई हैं। इन पंक्तियों में कवि ने शाम के शांत वातावरण के समाप्त होने और रात के आगमन का सजीव चित्रण किया है।
सरलार्थ – कवि कहता है कि शाम के समय वातावरण बहुत शांत था। तभी अचानक मोर की आवाज़ सुनाई देती है, जो ऐसा प्रतीत होती है मानो किसी ने पुकारकर कहा हो—“सुनते हो।” इसके बाद किसान की चिलम उलट जाती है और उसमें से धुआँ उठने लगता है। सूर्य पश्चिम दिशा में डूब जाता है और धीरे-धीरे चारों ओर अँधेरा छा जाता है। इस प्रकार दिन समाप्त होकर रात का आरंभ हो जाता है।
Sham Ek Kisan Class 7 Hindi Chapter 5 Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
कविता से
- इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है – यह एक रूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में ‘आकाश का साफ़ा’ वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवीं एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।
उत्तर – दूसरी एकरूपता – सूरज – सी चिलम खींचता पहाड़।
चौथी एकरूपता – अंगीठी पलाश के जंगल – सी अँगीठी।
पाँचवीं एकरूपता – अँधकार सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले – सा।
प्रश्न 2. शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए-
(क) शाम कब से शुरू हुई?
(ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
(ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?
उत्तर- (क) शाम पाँच बजे से शुरू हुई।
(ख) शाम पाँच बजे से लेकर सूरज डूबने में दो घंटे लगे।
(ग) इसी बीच आसमान में निम्नलिखित परिवर्तन हुए-
(i) आसमान में चारों ओर अंधेरा छाने लगा।
(ii) आसमान का रंग बदल गया।
(iii) पक्षियों ने उड़ना बंद कर दिया।
प्रश्न 3. मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो- ‘सुनते हो’। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-
कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस
उत्तर-
| कबूतर - ( गुटरगूँ-गुटरगूँ) | आओ चलें |
|---|---|
| कौआ-( काँव-काँव) | जरा आना |
| मैना - (टखें - टखें) | आना इधर |
| तोता - (टें-टें) | चलें, उड़ें |
| चील - (चीं) | हट परे |
| हँस- (क्वें-क्वें) | ओह, भागो तुम |
कविता से आगे
प्रश्न 1. इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना- होगा?
उत्तर- इस कविता को चित्रित करने के लिए निम्नलिखित रंगों का प्रयोग करना होगा-
(i) नीला
(ii) हरा
(iii) पीला
(iv) लाल
(v) काला
(vi) सफ़ेद
(vii) स्लेटी
प्रश्न 2. शाम के समय ये क्या करते हैं, पता लगाइए और लिखिए-
| पक्षी | खिलाड़ी | फलवाले | माँ |
|---|---|---|---|
| पेड़-पौधे | पिताजी | किसान | बच्चे |
उत्तर – पक्षी- पक्षी शाम के समय अपना दाना-पानी खाकर अपने घोंसलों की ओर चल पड़ते हैं।
खिलाड़ी- खिलाड़ी खेल के मैदान में कसरत करते हैं तथा अपना मनपसंद खेल खेलते हैं।
फल वाले- फल वाले अपना सामान बेचकर घर की ओर प्रस्थान करने लगते हैं।
माँ- माँ भोजन बनाने के लिए रसोई में काम करती है।
पेड़-पौधे- पेड़-पौधे पक्षियों की चहल-पहल से झुम उठते हैं।
पिताजी- पिताजी खेत या दफ्तर से काम खत्म करके घर की ओर आते हैं ।
किसान- किसान खेत में हल जोतकर थकने के बाद अपने घर की ओर चल पड़ते हैं।
बच्चे- बच्चे शाम के मनमोहक वातावरण में खेलने के लिए घर से बाहर निकल पड़ते
प्रश्न 3. हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है-
संध्या का झुटपुट-
बाँसों का झुरमुट –
है चहक रहीं चिड़ियाँ
टी-बी-टी–टुट्-टुट्
ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
उत्तर- इन दोनों कविताओं में प्रकृति-चित्रण है लेकिन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। पंत जी की कविता में प्रकृति का सजीव चित्रण है जब कि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता में मानवीकरण है। इससे प्रकृति का सजीव चित्रण किया गया है।
अनुमान और कल्पना
शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे, नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए –
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है
सूरज की लाल गेंद ।
उठो मेरी बेटी, सुबह हो गई।
– सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
उत्तर – शाम के बदले यदि हमें एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो, तो हम निम्न चीज़ों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे-
(i) हवा की चाल।
(ii) सूर्य की लालिमा तथा रोशनी।
(iii) सुबह का वातावरण।
प्रश्न 1. नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए-
(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर – सी
(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
(ग) पानी का पर्दा-सा मेरे आसपास था हिल रहा
(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास
(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा
(च) घास पर फुदकती नन्हीं सी चिड़िया
इन पंक्तियों में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है ?
उत्तर- इन पंक्तियों में सा/सी का प्रयोग दो प्रकार से किया गया है-
(क) उपमा के रूप में
(ख) विशेषण के रूप में।
(क) नदी चादर के समान पहाड़ के घुटनों पर पड़ी है। (उपमा के रूप में)
(ख) वह भेड़ों के समूह के समान सिमटा हुआ बैठा है। (उपमा के रूप में)
(ग) मेरे आस-पास पानी का पर्दा-सा हिल रहा था। (उपमा के रूप में)
(घ) एक मरियल-सा कुत्ता उसके पास मँडराता रहता था। (विशेषण के रूप में)
(ङ) दिल छोटा-सा है और छोटी-सी आशा है। (विशेषण के रूप में)
(च) घास पर नन्हीं सी चिड़िया फुदकती है। (विशेषण के रूप में)
प्रश्न 2. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग आप किन संदर्भों में करेंगे ? प्रत्येक शब्द के दो-दो वाक्य बनाइए- आँधी, दहक, सिमटा।
उत्तर— आँधी — (i) आज बहुत तेज़ आँधी चल रही है कहीं मेरी झोंपड़ी आँधी न हो जाए ।
(ii) आँधी खोपड़ी वालों की सोच के कारण आतंक की आँधी संसार में फैली है।
दहक — (i) मेरा हृदय दहक रहा है।
(ii) संसार आतंक से दहक रहा है।
सिमटा — (i) किसान ठंड के कारण सिमटा बैठा है।
(ii) आज संचार की उन्नति से संसार सिमटा है।
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