पाठ “टिकट- अलबम” JKBOSE के कक्षा 6 (Class 6th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 1 हिंदी का आठवाँ अध्याय है। यह पोस्ट Ticket Album Class 6th Hindi Poem Question Answers के बारे में है। यह पाठ सुंदरा रामस्वामी द्वारा लिखित है। इस पोस्ट में आप पाठ “टिकट- अलबम” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Aise Aise Class 6th Hindi Chapter 7 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Ticket Album Class 6th Hindi Chapter 8 Question Answer
Ticket Album Class 6th Hindi Chapter Summary
‘टिकट–अलबम’ सुंदरा रामस्वामी द्वारा रचित एक श्रेष्ठ कहानी है। लेखक ने इस कहानी में बच्चों के मन में उत्पन्न होने वाली ईर्ष्या और पश्चाताप की भावनाओं का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण किया है।
नागराजन के मामा ने सिंगापुर से उसके लिए एक सुंदर टिकट-अलबम भेजा था। नागराजन उसे स्कूल लगने से पहले और स्कूल के बाद सभी बच्चों को दिखाता था। लड़के-लड़कियाँ उसे घेरकर खड़े रहते थे। यह बात राजप्पा को अच्छी नहीं लगती थी, क्योंकि पहले कक्षा के सभी बच्चे उसकी टिकट-अलबम देखने के लिए उसे घेरते थे। राजप्पा ने अपनी अलबम के लिए टिकटें बड़ी मेहनत से इकट्ठी की थीं। उसे टिकटों का संग्रह करने की धुन सवार रहती थी। वह स्कूल से आने के बाद टिकटों के लिए इधर-उधर घूमता रहता था। वह दो ऑस्ट्रेलिया के टिकटों के बदले एक फ़िनलैंड का टिकट और दो पाकिस्तान के टिकटों के बदले एक रूस का टिकट लेता था।
राजप्पा का अलबम स्कूल में सबसे बड़ा था। एक बार सरपंच के बेटे ने उसका अलबम पैंतीस रुपये में खरीदना चाहा था, लेकिन उसने मना कर दिया था। नागराजन के सिंगापुर से आए अलबम के सामने अब कोई भी राजप्पा का अलबम देखना नहीं चाहता था। राजप्पा को भी लगता था कि नागराजन का अलबम उसके अलबम से अधिक आकर्षक है, फिर भी उसने कभी उसे देखने की इच्छा प्रकट नहीं की।
एक दिन कृष्णन ने राजप्पा से कह दिया कि वह नागराजन से ईर्ष्या करता है, क्योंकि नागराजन का अलबम बहुत सुंदर है और राजप्पा का अलबम बेकार है। यह सुनकर राजप्पा को बहुत बुरा लगा। वह सोचने लगा कि उसने तो अपने अलबम के टिकट बड़ी मेहनत से इकट्ठे किए हैं, जबकि नागराजन को तो उसका अलबम मामा से उपहार में मिला है—उसने क्या मेहनत की है?
अब उसे स्कूल जाना अच्छा नहीं लगता था। वह घर में ही घुसा रहता था और पहले की तरह टिकटों के लिए बाहर नहीं जाता था। धीरे-धीरे उसे अपने ही अलबम से चिढ़ होने लगी।
एक दिन राजप्पा ने निश्चय किया कि वह अपने बेकार टिकटों के बदले नागराजन से अच्छे-अच्छे टिकट ले लेगा। वह नागराजन के घर गया। उस समय नागराजन शहर गया हुआ था। राजप्पा सीधे उसके कमरे में गया और उसका अलबम उठा लाया तथा अपने घर में छिपा दिया। अलबम चुराने के कारण वह बहुत डर गया था। उस दिन वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला।
रात को अप्पू आया और उसने बताया कि नागराजन का अलबम चोरी हो गया है और उसके पिता शायद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा देंगे। नागराजन की बहन कामाक्षी ने यह भी बताया था कि राजप्पा नागराजन के कमरे में गया था। यह सुनकर राजप्पा और अधिक घबरा गया। अगले दिन उसने नागराजन का अलबम निकालकर जलती हुई अंगीठी में डाल दिया। अलबम को जलते देखकर वह फूट-फूटकर रोने लगा।
थोड़ी देर बाद नागराजन उसके पास आया। वह बहुत रोया हुआ लग रहा था। राजप्पा को देखते ही वह फिर रोने लगा। राजप्पा उसे चुप कराने लगा और अपना अलबम निकालकर नागराजन को दे दिया। नागराजन को विश्वास नहीं हुआ कि राजप्पा अपनी मेहनत से इकट्ठे किए हुए टिकटों का अलबम उसे दे रहा है। राजप्पा ने उसे अलबम लेकर चले जाने को कहा और स्वयं रोने लगा।
Ticket Album Class 6th Hindi Chapter Word Meanings
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मशहूर | प्रसिद्ध । |
| खलना | अखरना । |
| टरकाना | खिसका देना, टाल देना । |
| हेकड़ी | ज़बरदस्ती, बलात कुछ करने की प्रवृत्ति । |
| भेड़ लेना | भिड़ा देना, सटा देना, बंद करना । |
| साँकल | दरवाज़ा बंद करने के लिए लगाई जाने वाली लोहे की कड़ी । |
| जमघट | आदमियों की भीड़, जमाव । |
| टोली | मंडली, झुंड । |
| उत्सुक | इच्छुक । |
| चबेना | चबाकर खाने वाली खाद्य सामग्री । |
| पगडंडी | खेत या मैदान में पैदल चलने वालों के लिए बना पतला रास्ता । |
| फिसड्डी | काम में पीछे रह जाने वाला । |
| टीपना | हू- बहू नकल उतारना, नकल करके लिखना । |
| बघारना | पांडित्य दिखाने के लिए किसी विषय की चर्चा करना । |
| कोरस | एक साथ मिलकर गाना । |
अर्थ ग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर
प्रश्न—नीचे लिखे गद्यावतरणों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
- अब राजप्पा को कोई नहीं पूछता। आजकल सब-के-सब नागराजन को घेरे रहते। ‘नागराजन घमंडी हो गया है’, राजप्पा सारे लड़कों में कहता फिरता । पर लड़के भला कहाँ उसकी बातों पर ध्यान देते ! नागराजन के पापा जी ने सिंगापुर से एक अलबम भिजवाया था। वह लड़कों को दिखाया करता। सुबह पहली घंटी के बजने तक सभी लड़के नागराजन को घेरकर अलबम देखा करते। आधी छुट्टी के वक्त भी उसके आसपास लड़कों का जमघट लगा रहता। कई लोग टोलियों में उसके घर तक हो आए। नागराजन शांतिपूर्वक सभी को अपना अलबम दिखाता, पर किसी को हाथ नहीं लगाने देता। अलबम को गोद में रख लेता और एक-एक पन्ना पलटता, लड़के बस देखकर खुश होते ।
(क) नागराजन ने अलबम कहाँ से प्राप्त किया था ?
(ख) अलबम दिखाते समय नागराजन क्या सावधानी बरता करता था ?
(ग) नागराजन के विषय में राजप्पा क्या कहा करता था ?
उत्तर—(क) नागराजन को अलवम उसके मामा जी ने सिंगापुर से भेजा था।
(ख) अलवम दिखाते समय नागराजन उसे अपनी गोद में रख लिया करता था और उसका एक-एक पन्ना स्वयं पलट कर लड़कों को दिखाया करता था । वह किसी को उसे हाथ नहीं लगाने देता था ।
(ग) नागराजन के विषय में राजप्पा कहा करता था कि वह घमंडी हो गया है।
- और तो और कक्षा की लड़कियाँ भी उस अलबम को देखने के लिए उत्सुक
थीं। पार्वती लड़कियों की अगुवा बनी और अलबम माँगने आई। लड़कियों में वही तेज़-तर्रार मानी जाती थी । नागराजन ने कवर चढ़ाकर अलबम उसे दे दिया। शाम तक लड़कियाँ अलबम देखती रहीं फिर उसे वापस कर दिया। अब राजप्पा के अलबम को कोई पूछने वाला नहीं था। वाकई उसकी शान अब घट गई थी । राजप्पा के अलबम की, लड़कों में काफ़ी तारीफ़ रही थी । मधुमक्खी की तरह उसने एक-एक करके टिकट जमा किए थे। उसे तो बस एक यही धुन सवार थी। सुबह आठ बजे वह घर से निकल पड़ता । टिकट जमा करने वाले सारे लड़कों के चक्कर लगाता ।
(क) नागराजन की अलबम किस लड़की ने मांगी थी ? क्यों ?
(ख) राजप्पा ने टिकट किस प्रकार जमा किए थे ?
उत्तर- (क) नागराजन से अलबम लड़कियों में तेज़-तर्रार मानी जाने वाली पार्वती ने मांगी थी। लड़कियाँ उस अलबम को देखना चाहती थीं।
(ख) राजप्पा ने मधुमक्खी की तरह बहुत मेहनत से टिकट इकट्ठा किए थे। वह टिकट इकट्ठा करने वाले सारे लड़कों के चक्कर काट कर अपने लिए एक – एक इकट्ठा टिकट कर सका था ।
- राजप्पा मन-ही-मन कुढ़ रहा था। स्कूल जाना अब खलने लगा था और लड़कों के सामने जाने में शर्म आने लगी। आमतौर पर शनिवार और रविवार को टिकट की खोज में लगा रहता, परंतु अब घर- घुसा हो गया था । दिन में कई बार अलबम को पलटता रहता । रात को लेट जाता। सहसा जाने क्या सोचकर उठता, ट्रंक खोलकर अलबम निकालता और एक बार पूरा देख जाता । उसे अलबम से चिढ़ होने लगी थी । उसे लगा, अलबम वाकई कूड़ा हो गया है।
(क) राजप्पा की मानसिक दशा कैसी हो गई थी ?
(ख) राजप्पा को अपने अलबम से चिढ़ क्यों होने लगी थी ?
उत्तर- (क) राजप्पा मन-ही-मन सदा कुढ़ता रहता था । उसे स्कूल जाना भी बुरा लगता था। उसे दूसरे लड़कों के सामने जाने में उसे शर्म आती थी । वह घर घुसा हो गया था ।
(ख) राजप्पा ने अपनी अलबम बहुत मेहनत से तैयार की लेकिन अब उसे अलबम कूड़ा लगने लगी थी। नागराजन की अलबम आ जाने के कारण उसकी अलबम का महत्त्व बिलकुल खत्म हो गया था । इसलिए उसे अपने अलबम से चिढ़ हो गई थी।
- घर जाकर सीधा पुस्तक की अलमारी के पास गया और पीछे की ओर अलबम छिपा दिया। उसने बाहर आकर झाँका । पूरा शरीर जैसे जलने लगा था । गला सूख रहा था और चेहरा तमतमाने लगा था ।
रात आठ बजे अपू आया। हाथ-पाँव हिलाकर उसने पूरी बात कह सुनाई। “सुना तुमने, नागराजन का अलबम खो गया। हम दोनों शहर गए हुए थे लौटकर देखा तो अलबम गायब !”
(क) किस ने अलबम को छिपा दिया ? क्यों ?
(ख) अलबम छिपा देने के बाद राजप्पा की दशा कैसी हो गई ?
उत्तर- (क) राजप्पा ने अलबम को छिपा दिया था। वह अलबम नागराजन की थी। राजप्पा उसे चुरा लाया था। सबकी नज़रों से दूर रखने के लिए उसने अलबम को छिपा दिया था ।
(ख) राजप्पा ने अलबम छिपा देने के बाद वह मन ही मन में डर रहा था। उसे डर था कि कहीं किसी को यह पता चल गया कि नागराजन की अलबम वह चुरा लाया था । इसी डर के कारण उसका शरीर जलने लगा था, गला सूखने लगा था और चेहरे पर तमतमाहट प्रकट होने लगी थी।
- राजप्पा पिछवाड़े की ओर भागा। जल्दी से बाथरूम में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया । अम्मा ने अँगीठी पर गरम पानी की देगची चढ़ा रखी थी। उसने अलबम को अँगीठी में डाल दिया। अलबम जलने लगा। कितने प्यारे टिकट थे । राजप्पा की आँखों में आँसू आ गए।
(क) राजप्पा ने अलबम को अंगीठी में क्यों डाल दिया था ?
(ख) राजप्पा की आँखों में आँसू आने का कारण क्या था ?
उत्तर- (क) राजप्पा ने नागराजन के घर से उसकी अलबम चुराई थी और उसे अपने घर में छिपा दिया था। अब उसे डर था कि कहीं वह पकड़ा न जाए। इसलिए वह अलबम | को नष्ट कर देना करना चाहता था। बाथरूम में जलती अंगीठी देख उसने अलबम को उसमें डाल कर नष्ट कर दिया था ।
(ख) राजप्पा ने पकड़े जाने के डर से नागराजन की अलबम नष्ट कर दी थी, पर उसे उस अलबम से बहुत लगाव था । उसके टिकट बहुत सुंदर थे । इसलिए अलबम को अंगीठी में जलता देख उसकी आँखों से आँसू बहने लगे थे।
ध्यान देने योग्य शब्द
जमघट — आदमियों की भीड़, जमाव
टोली — मंडली, झुंड
उत्सुक — इच्छुक
चबेना — चबाकर खाने वाली खाद्य सामग्री
पगडंडी — खेत या मैदान में पैदल चलने वालों के लिए बना पतला रास्ता
फिसड्डी — काम में पीछे रह जाने वाला
टीपना — हूबहू उतारना, नकल करके लिखना
बघारना — पांडित्य दिखाने के लिए किसी पिशय की चर्चा करना
कोरस — एक साथ मिलकर गाना
मशहूर — प्रसिद्ध, जाना-माना
खलना — अखरना
टरकाना — खिसका देना, टाल देना
हेकड़ी — ज़बरदस्ती, वलात कुछ करने की प्रवृत्ति
भेड़ लेना — भिड़ा देना, सटा देना, बंद करना
साँकल — दरवाज़ा, बंद करने के लिए लगाई जाने वाली लोहे की कड़ी ।
Ticket Album Class 6th Hindi Chapter Question Answer
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
कहानी से
प्रश्न 1. अलबम पर किसने और क्यों लिखा ? इसका असर कक्षा के दूसरे लड़के-लड़कियों पर क्या हुआ ?
उत्तर – अलवम पर नागराजन के मामा ने उसका नाम सुंदर अक्षरों में लिखकर भेजा था। साथ ही लिखा था कि इस अलबम को चुराने वाला वेशर्म है। जब तक घास हरी, कमल लाल, सूरज पूर्व से उगे और पश्चिम में छिपे उस अनंत काल तक के लिए यह अलवम मेरा रहेगा। इन शब्दों का दूसरे लड़के-लड़कियों पर गहरा असर पड़ा। लड़कों ने इसे अपने अलबम पर और लड़कियों ने अपनी कापियों और कितावों पर उतार लिया था ।
प्रश्न 2. नागराजन के अलबम के हिट हो जाने के बाद राजप्पा के मन की क्या दशा हुई ?
उत्तर – नागराजन के मामा ने सिंगापुर से उसके लिए बहुत सुंदर अलबम भेजा था। सभी लड़के-लड़कियों को उसका अलबम बहुत अच्छा लगा था। नागराजन के अलबम से पहले सभी बच्चों में राजप्पा का टिकट – एलबम प्रसिद्ध था। जब से नागराजन का अलबम हिट हुआ राजप्पा मन ही मन कुढ़ने लगा था। वह सबसे लड़ पड़ता था । वह स्कूल के बाद सारा दिन घर में घुसा रहता था । उसे नागराजन से ईर्ष्या होने लगी थी कि बिना मेहनत किए उसे इतना अच्छा अलबम मिल गया ।
प्रश्न 3. अलबम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुज़र रहा था ?
उत्तर – अलबम चुराते समय राजप्पा को बहुत डर लगा रहा था । नागराजन की अलबम पर लिखे शब्द उसे भयभीत कर रहे थे । उसका पूरा शरीर जलने लगा था, गला सूख रहा था। दिल तेज़ी से धड़क रहा था। डर के कारण उसका चेहरा भयानक हो गया था । उसे अनुभव हो रहा था कि उसने बहुत गलत काम किया है।
प्रश्न 4. राजप्पा ने नागराजन का टिकट – अलबम अँगीठी में क्यों डाल दिया ?
उत्तर – राजप्पा को अप्पू ने आकर बताया कि नागराजन का अलबम खो गया है। नागराजन के पिता जी डी० एस० पी० के दफ्तर में ही काम करते थे। उनके द्वारा अलबम चोरी की बात कहते ही पुलिस आ जाएगी और चोर को ढूँढ़ निकालेगी। राजप्पा यह सब सुनकर डर गया। दरवाज़े पर साँकल खटखटाने का शोर सुनकर उसने सोचा कि पुलिस आ गई है, इसलिए उसने अलबम उठाकर जलती हुई अँगीठी में डाल दिया ।
प्रश्न 5. लेखक ने राजप्पा के टिकट इकट्ठा करने की तुलना मधुमक्खी से क्यों की ?
उत्तर- – लेखक ने राजप्पा के टिकट इकट्ठा करने की तुलना मधुमक्खी से इसलिए की है क्योंकि राजप्पा स्कूल से आने के बाद निकर की जेब में चवेना लेकर टिकटों की खोज में घूमता रहता था। जैसे मधुमक्खी फूलों का रस इकट्ठा करने के लिए इधर-उधर भटकती रहती है और फूलों की महक से उनकी तरफ खिंची चली जाती है वैसे ही राजप्पा टिकट इकट्ठे करने की धुन में जिसके पास टिकट होते उसके पास चला जाता था।
कहानी से आगे
प्रश्न 1: टिकटों की तरह ही बच्चे और बड़े दूसरी चीजें भी जमा करते हैं। सिक्के उनमें से एक हैं। क्या तुम कुछ अन्य चीज़ों के बारे में सोच सकते हो जिन्हें जमा किया जा सकता है ? उनके नाम लिखो ।
उत्तर- टिकटों और सिक्कों की तरह सूखे फूल, चावियों के गुच्छे, काँच की गोलियाँ, रंगीन पत्थर, पुराने समय की चीजें, पक्षियों के पंख, शंख- सीपियाँ, तरह-तरह के पत्ते, तस्वीरें आदि इकट्ठी की जा सकती हैं।
प्रश्न 2. टिकट अलबम का शौक रखने के लिए राजप्पा और नागराजन के तरीके में क्या फ़र्क है ? तुम अपने शौक के लिए कौन-सा तरीका अपनाओगे ?
उत्तर—राजप्पा का टिकट अलबम उसकी मेहनत का फल है उसने टिकटें बहुत मेहनत से इकट्ठी की हैं। वह टिकटों के लिए बहुत घूमा करता था। नागराजन का अव उसके मामा जी द्वारा दी गई भेंट थी। उस अलबम के लिए उसने बिलकुल भी मेहनत नहीं की थी। हम अपने शौक के लिए राजप्पा का तरीका अपनाएँगे क्योंकि राजप्पा का तरीका हमें मेहनत करना सिखाता है।
प्रश्न 3. इकट्ठा किए हुए टिकटों का अलग-अलग तरह से वर्गीकरण किया जा सकता है। जैसे देश के आधार पर। ऐसे और आधार सोचकर लिखो ।
उत्तर—ऐतिहासिक घटनाओं के आधार पर, ऐतिहासिक तिथियों के आधार पर, महापुरुषों नाम पर, प्राकृतिक घटनाओं के आधार पर इकट्ठा किए हुए टिकटों का अलग-अलग वर्गीकरण किया जा सकता है।
प्रश्न 4. कई लोग चीजें इकट्ठी करते हैं और ‘गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड‘ में अपना नाम दर्ज करवाते हैं । इसके पीछे उनकी क्या प्रेरणा होती होगी ? सोचो और अपने दोस्तों से इस बात पर बात-चीत करो ।
उत्तर—‘गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में लोग अपना नाम इसलिए दर्ज करवाते हैं जिससे उनका, उनके माता-पिता तथा देश का नाम गर्व से लिया जा सके। उनका रिकॉर्ड दूसरों को प्रेरणा तथा चुनौती भी देता है कि वे भी कुछ करके दिखाएँ जिनसे उनका नाम भी विश्व में चमक सके।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1. राजप्पा अलबम के जलाए जाने की बात नागराजन को क्यों नहीं कह पाता है ? अगर वह कह देता तो क्या कहानी के अंत पर कुछ फ़र्क पड़ता ? कैसे ?
उत्तर—राजप्पा अलबम के जलाए जाने की बात नागराजन को इसलिए नहीं बता पा कि नागराजन को अलबम खो जाने से भी ज़्यादा दुःख होगा। नागराजन राजप्पा के पास अपनी अलबम खो जाने का दुःख दूर करने आता है यदि उसे पता चल जाता कि उसकी अलबम राजप्पा ने चुरा कर जला दी है तो सब लोग उसे बुरा समझते और कोई भी उसका मित्र नहीं बन पायेगा। राजप्पा नागराजन को पश्चात्ताप के रूप में उसे अपनी अलबम रखने के लिए दे देता है जिस पर नागराजन को आश्चर्य होता कि अपनी सारी मेहनत उसे दे दी है।
राजप्पा के नागराजन को सच्चाई बता देने से कहानी के अंत पर यह फ़र्क पड़ता कि नागराजन उससे अलबम नहीं लेता और समझता कि उसमें राजप्पा का स्वार्थ है वह उसे अलवम देकर खरीदना चाहता है ।
प्रश्न 2. ‘ऑस्ट्रेलिया के दो टिकटों के बदले फिनलैंड का एक टिकट लेता । दो पाकिस्तान के बदले एक रूस का – वह ऐसा क्यों करता था ?
उत्तर—जिन देशों की टिकटें उसे जल्दी और सरलता से प्राप्त हो जाती थीं उनके बदले वह उन देशों के टिकट लेने के लिए ऐसा करता था जो उसे सरलता से प्राप्त नहीं हो पाती थी। फिनलैंड और रूस की एक-एक टिकट के बदले वह ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के दो-दो टिकट दे देता था।
प्रश्न 3. कक्षा के बाकी विद्यार्थी स्वयं अलबम क्यों नहीं बनाते थे ? वह राजप्पा और नागराजन के अलबम के दर्शक मात्र क्यों रह जाते हैं ? अपने शिक्षक को बताओ ।
उत्तर- कक्षा के बाकी विद्यार्थी स्वयं अलबम इसलिए नहीं बनाते हैं क्योंकि उनमें अलबम बनाने की लगन, टिकट इकट्ठी करने की धुन नहीं थी। इसलिए वे लोग राजप्पा की स्वयं मेहनत करके बनाई अलबम तथा नागराजन के मामा द्वारा भेजी अलबम के दर्शक मात्र रह जाते थे ।
भाषा की बात
- निम्नलिखित शब्दों को कहानी में ढूँढ़कर उनका अर्थ समझों । अब स्वयं सोचकर इनसे वाक्य बनाओ।
| खोंसना | जमघट | टटोलना | कुढ़ना | ठहाका |
|---|---|---|---|---|
| अगुआ | पुचकारना | खलना | हेकड़ी | तारीफ़ |
उत्तर- (i) खोंसना- पुलिस को आते देखकर चोर ने चोरी किया हुआ माल अपनी कमीज़ में खोंस लिया ।
(ii) जमघट- आशा के पास बहुत सुंदर गुड़िया थी जिसे देखने के लिए सभी बच्चों का उसके आस-पास जमघट लगा रहता ।
(iii) टटोलना- अंशुल ने अपनी पेंसिल ढूंढ़ने के लिए शुभम का सारा बैग टटोल लिया ।
(iv) कुढ़ना- छोटी-छोटी बातों को लेकर सीता का मन ही मन कुढ़ना स्वभाव बन गया है। .
(v) ठहाका- मेरी बात सुनकर राकेश ने ज़ोरदार ठहाका लगाया।
(vi) अगुआ- हमारी गली में लड़कियों की अगुआ पल्लवी है।
(vii) पुचकारना- माँ ने रोते हुए बच्चे को प्यार से पुचकारा ।
(viii) खलना- अशिष्ट बच्चों को शिष्टाचार की बातें सुनना खलती हैं।
(ix) हेकड़ी- व्यर्थ में हेकड़ी मत बघारो, कुछ करके दिखाओ।
(x) तारीफ़- रमेश के गुणों के कारण सभी उसकी तारीफ़ करते हैं ।
प्रश्न 2. कहानी से व्यक्तियों या वस्तुओं के लिए प्रयुक्त हुए ‘नहीं‘ का अर्थ देने वाले शब्दों (नकारात्मक विशेषण ) को छाँटकर लिखो । उनका उल्टा अर्थ देने • वाले शब्द भी लिखो ।
उत्तर— (i) घमंडी = विनम्र, (ii) घटना = बढ़ना (iii) फिसड्डी = होशियार (iv) नीची = ऊँची।
कुछ करने को
प्रश्न 1. मान लो कि स्कूल में तुम्हारी कोई प्रिय चीज़ खो गई है। तुम चाहते हो कि जिसे वह चीज़ मिले वह तुम्हें लौटा दे। इस संबंध में स्कूल के बोर्ड पर लगाने के लिए एक नोटिस तैयार करो जिसमें निम्नलिखित बिंदु हों-
(क) खोई हुई चीज़ का वर्णन
(ख) कहाँ खोई
(ग) मिल जाने पर कहाँ लौटाई जाए
(घ) नोटिस लगाने वाले / वाली का नाम और कक्षा
उत्तर – सूचना
आज सुबह प्रार्थना के समय मेरी लाल रंग की डिब्बी खो गई है। जिसमें दो पैन, एक स्केल, एक पेंसिल, एक रबड़ तथा दस रुपए थे। यदि किसी को मिले तो वह उसे मुझे मेरी कक्षा छठी बी, कमरा संख्या नौ में आकर दे-दे ।
हिमांशी शर्मा
छठी ‘बी’
प्रश्न 2. डाक टिकटों के बारे में और जानना चाहो तो नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक ‘डाक टिकटों की कहानी‘ पढ़ो।
उत्तर – विद्यार्थी अपने अध्यापक/अध्यापिका की सहायता से स्वयं करें ।
सुनना-सुनाना
प्रश्न 1. राजप्पा और नागराजन की तरह क्या तुम भी कोई गंभीर शौक रखते हो ? उससे जुड़े किस्से सुनाओ।
उत्तर—राजप्पा और नागराजन को जैसे टिकटें इकट्ठी करने का शौक प्यारा था वैसे ही मुझे जानवरों से बहुत प्यार है। मैंने भी एक बार तोता पाला था । वह मुझे बहुत अच्छा लगता था। सुबह उठते ही उसका पिंजरा साफ़ करना, उसे खाना देना और उससे बातें करना अच्छा लगता था। मेरे छोटे भाई को यह सब पसंद नहीं था क्योंकि मेरे पास उसके साथ खेलने के लिए समय बचता नहीं था। एक दिन अवसर पाकर उसने पिंजरा खोल कर उसे उड़ा दिया। मुझे बुरा लगा। मैंने उससे बात करनी बंद कर दी। इससे उसे दुःख हुआ और उसने मुझे मनाने के लिए एक सुंदर सा तोता लाकर दिया ।
प्रश्न 2. कुछ कहानियाँ सुखांत होती हैं और कुछ कहानियाँ दुःखांत। इस कहानी के अंत को तुम क्या मानोगे ? बताओ ।
उत्तर—’टिकट अलबम’ कहानी का अंत सुखांत है क्योंकि राजप्पा को अपने किए पर पश्चाताप था। इसलिए उसने अपने मन पर पड़े बोझ को कम करने के लिए अपना टिकट अलबम, जो उसने बड़ी लगन और प्यार से बनाई नागराजन को रखने के लिए दे दी थी।
पढो और समझो
| • कुढ़ता चेहरा • भूखा चेहरा • घमंडी चेहरा • अपमानित चेहरा | • ईर्ष्यालू चेहरा • चालबाज़ चेहरा • भयभीत चेहरा • रुआँसा चेहरा |
|---|
इन भावों को अभिव्यक्त करके दिखाओ ।
उत्तर — विद्यार्थी स्वयं करें ।
Ticket Album Class 6th Hindi Chapter 8 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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