“लद्दारव का विवाह उत्सव” JKBOSE की कक्षा 7 (Class 7th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का चौदहवां अध्याय है। यह पोस्ट Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter 14 Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में आप पाठ “लद्दारव का विवाह उत्सव” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Doha Ekadash Class 7 Hindi Chapter 13 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter 14 Question Answers
Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter Summary
लेख का सार
लद्दाख जम्मू-कश्मीर प्रदेश का पर्वतीय क्षेत्र है। यहाँ की विवाह प्रथा कुछ अलग प्रकार की है। लड़के या लड़की की सगाई उसके मामा के द्वारा होना ज़रूरी माना जाता है। माता-पिता की सहमति बाद में ली जाती है। लड़के वाले कन्या का हाथ माँगने जाते हैं। सगाई के बाद वर पक्ष की ओर से बारातियों के नाम निश्चित किये जाते हैं। बारातियों को ‘न्याओपा’ कहा जाता है। वधू पक्ष की ओर से बारातियों का स्वागत किया जाता है। यह गीत प्रश्नावली से होता है। विवाह की रस्मों में भी प्रश्नात्मक गीत गाए जाते हैं।
लद्दाखी विवाह की विशेषता यह है कि बारात के साथ दूल्हा नहीं जाता। बाराती सज-धज कर जाते हैं और बहू को साथ ले आते हैं। फिर घर में दूल्हा-दुल्हन का विवाह होता है। इस अवसर पर वधू की एक-दो सहेलियाँ ही उपस्थित होती हैं। वर पक्ष की ओर से सबको साधारण भोजन दिया जाता है। सामूहिक लोक नृत्य होता है, जिसमें वर-वधू भी भाग लेते हैं।
विवाह की रस्में लामा पूरी करते हैं। बारात के आने पर वधू के द्वार पर अनिष्ट ग्रहों की पूजा होती है। वधू की माँ करछोल (छंग नामक पेय पदार्थ से भरा लोटा) ले कर बारातियों का स्वागत करती है। करछोल के मुँह पर माखन के टुकड़े लगे रहते हैं। बारात के लौटने पर वर की माँ छंग तथा माखन से लोगों का स्वागत करती है।
लद्दाख का विवाह हर दृष्टि से रंग-बिरंगा होता है। विवाह के अवसर पर अनेक प्रकार की रीति- रस्में मनाई जाती हैं।
Ladakh Ka Vivah Utsav Chapter Word Meanings
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| पर्वतीय | पहाड़ी। |
| शुष्क | सूखी, खुश्क। |
| संघर्षपूर्ण | संघर्ष से भरा, कठिन। |
| प्रवृत्ति | आदत। |
| उत्सवों | त्योहारों। |
| प्रथा | रिवाज। |
| भूमिका | पृष्ठभूमि। |
| सहमति | मंजूरी, इजाज़त। |
| निमंत्रण | बुलावा। |
| मनोनीत | नियुक्त करना, तय करना। |
| प्रतियोगिता | मुकाबला। |
| सतर्क | चौकस। |
| अतिथियों | मेहमानों। |
| सत्कार | सम्मान। |
| सुसज्जित | अच्छी तरह सजा हुआ। |
| वेश-भूषा | पहनावा, पहरावा। |
| सामूहिक | इकट्ठे। |
| अनुष्ठान | यज्ञ आदि। |
| आशंकित अनिष्ट | संभावित अपशकुन। |
| निवारण | दूर करना। |
| सर्वथा भिन्न | बिलकुल अलग। |
Ladakh Ka Vivah Utsav Chapter Paragraph Explanation
सप्रसंग व्याख्या एवं अर्थवग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर
- लद्दाख जम्मू-कश्मीर प्रदेश का एक पर्वतीय क्षेत्र है। इस क्षेत्र का अधिकांश मैदानी भाग रेतीला है। हरियाली बहुत कम नज़र आती है। जलवायु शुष्क और ठंडा है। इस कारण यहाँ के लोगों का जीवन कठिन तथा संघर्षपूर्ण है। परंतु उनके चेहरों पर मानसिक तनाव नहीं दिखता और वे सदाबहार तथा हँस मुख दिखाई देते हैं।
प्रसंग – ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2‘ में संकलित पाठ ‘लद्दाख का विवाह उत्सव‘ से ली गई हैं। इस पाठ में लेखक ने लद्दाख के विवाह उत्सव तथा वहाँ प्रचलित विभिन्न विवाह-रीति-रिवाजों का वर्णन किया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लेखक लद्दाख के भौगोलिक वातावरण और वहाँ रहने वाले लोगों के जीवन के बारे में बताता है। लद्दाख एक पहाड़ी क्षेत्र है, जहाँ अधिकांश भूमि रेतीली है और हरियाली बहुत कम दिखाई देती है। यहाँ की जलवायु शुष्क तथा अत्यंत ठंडी है। ऐसी कठिन परिस्थितियों के कारण लोगों का जीवन अनेक परेशानियों और संघर्षों से भरा हुआ है। इसके बावजूद वहाँ के लोग तनावग्रस्त नहीं रहते। वे प्रसन्नचित्त, हँसमुख और खुश दिखाई देते हैं।
- लद्दाख में विवाह की प्रथा कुछ अलग तरह की है। लड़की अथवा लड़के की सगाई उनके मामा के हाथों होना आवश्यक माना जाता है। इसमें माता-पिता की भूमिका कम रहती है। मामा के द्वारा सगाई तय होने के बाद ही लड़की तथा लड़के के माता-पिता की सहमति ली जाती है। लड़के वाले कन्या का हाथ माँगने जाते हैं और सगाई की रस्म वहीं पूरी की जाती है।
प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2‘ के पाठ ‘लद्दाख का विवाह उत्सव‘ से ली गई हैं। इस पाठ में लेखक ने लद्दाख में विवाह के अवसर पर निभाई जाने वाली अनोखी परंपराओं और रस्मों का वर्णन किया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लद्दाख की विवाह-परंपरा के बारे में बताया गया है। वहाँ विवाह से पहले लड़के या लड़की की सगाई करवाने में मामा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सगाई का निर्णय मुख्य रूप से मामा द्वारा किया जाता है और उसके बाद माता-पिता की सहमति ली जाती है। लड़के के परिवार के लोग लड़की के घर जाकर विवाह का प्रस्ताव रखते हैं तथा वहीं सगाई की रस्म पूरी की जाती है। इस प्रकार लद्दाख में सगाई की प्रक्रिया सामान्य प्रथाओं से कुछ अलग दिखाई देती है।
- पुरुष को अपने शत्रु से सावधान रहना चाहिए। शत्रु पर विश्वास करने से हानि उठानी पड़ सकती है। अपने सगे-संबंधियों के साथ प्रेम का व्यवहार करना चाहिए। उनको उचित आदर देने के प्रति सदा सतर्क रहना चाहिए।
प्रसंग – ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2‘ में संकलित पाठ ‘लद्दाख का विवाह उत्सव‘ से ली गई हैं। इस पाठ में लद्दाख के विवाह उत्सव की विभिन्न परंपराओं और रीति-रिवाजों का वर्णन किया गया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले गीत के माध्यम से पुरुष के कर्तव्यों के बारे में बताया गया है। पुरुष को अपने शत्रुओं से हमेशा सावधान रहना चाहिए, क्योंकि शत्रु पर अत्यधिक विश्वास करना नुकसानदायक हो सकता है। इसके विपरीत, उसे अपने परिवार और सगे-संबंधियों के साथ प्रेम तथा अपनापन बनाए रखना चाहिए। साथ ही, उसे अपने रिश्तेदारों को उचित सम्मान देने के लिए हमेशा सजग रहना चाहिए।
- लद्दाख का विवाह उत्सव हर दृष्टि से जीवंत तथा रंग-बिरंगा होता है। उत्सव के पहले दिन से अंत तक कई ऐसी रीत रस्में मनाई जाती हैं जो शेष भारत की प्रथाओं से सर्वथा भिन्न हैं। ये एकदम नवीन और अपूर्व लगती हैं। छोटे-से-छोटे संस्कार और बड़े-से-बड़े कार्यक्रम के साथ इतने लोकगीत तथा लोकनाच जुड़े हुए हैं कि इनकी गिनती असंभव है।
प्रसंग – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2‘ के पाठ ‘लद्दाख का विवाह उत्सव‘ से ली गई हैं। इस पाठ में लेखक ने लद्दाख के विवाह समारोह की विशेषताओं, रीति-रिवाजों, लोकगीतों और लोकनृत्यों का सुंदर वर्णन किया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लेखक लद्दाख के विवाह उत्सव की विशेषताओं को बताते हुए कहता है कि वहाँ का विवाह समारोह बहुत ही उत्साहपूर्ण, आकर्षक और रंगीन होता है। विवाह के आरंभ से लेकर अंत तक अनेक प्रकार की रस्में निभाई जाती हैं, जो भारत के अन्य क्षेत्रों की विवाह-परंपराओं से काफी अलग हैं। ये रस्में अपनी नवीनता और अनोखेपन के कारण विशेष लगती हैं। विवाह के प्रत्येक छोटे-बड़े कार्यक्रम के साथ अनेक लोकगीत और लोकनृत्य जुड़े होते हैं। इनकी संख्या इतनी अधिक होती है कि उन्हें गिन पाना भी कठिन है।
Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
बोध-विचार
प्रश्न 1. लद्दाख के विवाह में मामा की भूमिका लिखिए।
उत्तर— लद्दाखी विवाह में मामा का विशेष महत्त्व होता है। लड़के या लड़की की सगाई मामा द्वारा करवाना आवश्यक माना जाता है। मामा द्वारा सगाई निश्चित किए जाने के बाद ही दोनों पक्षों के माता-पिता की सहमति ली जाती है।
पश्न 2. बारातियों को लद्दाखी भाषा में किस नाम से पुकारा जाता है ?
उत्तर— लद्दाखी भाषा में बारातियों को ‘न्याओपा’ कहा जाता है।
प्रश्न 3. बारातियों का अध्यक्ष किन गुणों के आधार पर मनोनीत किया जाता है ?
उत्तर— बारातियों के अध्यक्ष का चयन निम्नलिखित गुणों के आधार पर किया जाता है
(क) वह उम्र में बड़ा तथा विवाह की सभी रीति-रस्मों की जानकारी रखने वाला हो।
(ख) उसे लोकगीतों और लोकनृत्यों का अच्छा ज्ञान हो।
प्रश्न 4. लद्दाखी विवाह में गीत- प्रश्नावली का क्या महत्त्व है ?
उत्तर— लद्दाखी विवाह में गीत-प्रश्नावली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसमें वधू पक्ष के लोग गीतों के माध्यम से प्रश्न करते हैं और वर पक्ष के लोग गीत गाकर उन प्रश्नों के उत्तर देते हैं।
प्रश्न 5. वधू के घर-द्वार पर गीत – प्रश्नावली का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
उत्तर— उत्तर— वधू के घर-द्वार पर गीत-प्रश्नावली का मुख्य उद्देश्य वर पक्ष की बुद्धिमत्ता, सूझ-बूझ और योग्यता की परीक्षा लेना होता है।
प्रश्न 6. लद्दाखी विवाह की विशिष्टता क्या है ?
उत्तर— लद्दाखी विवाह की प्रमुख विशेषता यह है कि बारात में दूल्हा शामिल नहीं होता। बाराती सज-धजकर वधू के घर जाते हैं और दुल्हन को अपने साथ लेकर लौटते हैं। इसके बाद विवाह की रस्में दूल्हे के घर पर पूरी की जाती हैं।
भाषा-अध्ययन
(क) पाठ में प्रयुक्त हुए निम्न शब्दों व पदबंधों से मिलते हुए अर्थ वाले हिंदी शब्द व पदबंध लिखिए:
नज़र आना, सदाबहार, तनाव, तय होना, रस्म पूरी करना, इनकार करना, तमाम, पेश आना, रस्मी वेष-भूषा, एकदम, बावजूद।
उत्तर –
| नज़र आना | दिखाई पड़ना। |
|---|---|
| सदाबहार | सदा बने रहना। |
| तनाव | दुविधा या चिंताग्रस्तता। |
| तय होना | निश्चित होना। |
| रस्म पूरी करना | रीति-रिवाज पूरे करना। |
| इनकार करना | नकार देना। |
| तमाम | समस्त, सब। |
| पेश आना | समक्ष आना। |
| रस्मी वेष-भूषा | औपचारिक पहरावा। |
| एकदम | तुरंत, तत्काल। |
| बावजूद | अपेक्षा। |
(ख) निम्न पारिभाषिक शब्दों के अर्थ स्पष्ट कीजिए :
न्याओपा, गीत – प्रश्नावली, छंग, लामा।
उत्तर – न्याओपा = बाराती।
गीत प्रश्नावली = गीतों के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर पूछना।
छंग = एक लद्दाखी पेय (जौ से बना)।
लामा = बौद्ध गुरु।
(ग) ‘माता-पिता‘ एक सामासिक शब्द है जिसका अर्थ है माता और पिता । इस प्रकार के शब्दों को द्वंद्व समास कहते हैं । द्वंद्व समास के कोई पांच सामासिक शब्द लिखिए।
उत्तर- भाई-बहन, बाप-बेटा, गुरु-शिष्य, नर-नारी, दाल-भात ।
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. लद्दाख कैसा क्षेत्र है ?
(क) पर्वतीय क्षेत्र
(ख) मैदानी भाग रेतीला
(ग) कम हरियाली वाला
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर- (घ) उपरोक्त सभी ।
प्रश्न 2. लद्दाख की जलवायु कैसी है ?
(क) खुश्क और ठंडी
(ख) गर्म जलवायु
(ग) (क) और (ख)
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर- (क) खुश्क और ठंडी।
प्रश्न 3. लद्दाख में सगाई कौन करवाता है ?
(क) माता-पिता
(ख) मामा
(ग) चाचा
(घ) भाई।
उत्तर- (ख) मामा।
प्रश्न 4. बारातियों को क्या कहा जाता है ?
(क) न्याओपा
(ख) नवओपा
(ग) इनमें से कोई नहीं
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर- (क) न्याओपा।
प्रश्न 5. लद्दाखी विवाह में कौन साथ नहीं जाता ?
(क) पिता
(ख) मामा
(ग) भाई
(घ) दूल्हा।
उत्तर- (घ) दूल्हा।
Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter 14 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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