“पुंछ और राजौरी के प्रसिद्ध तीर्थस्थान” JKBOSE की कक्षा 7 (Class 7th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का पंद्रहवाँ अध्याय है। यह पोस्ट Poonch Aur Rajouri Ke Prasidh Tirathsthan Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में आप पाठ “पुंछ और राजौरी के प्रसिद्ध तीर्थस्थान” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter 14 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Poonch Aur Rajouri Ke Prasidh Tirathsthan Question Answers
Poonch Aur Rajouri Ke Prasidh Tirathsthan Chapter Summary
पाठ का सार
पुंछ और राजौरी जम्मू संभाग के दो प्रमुख जिले हैं। पुंछ एक सीमावर्ती क्षेत्र है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की सुंदर पहाड़ियाँ, हरे-भरे जंगल और मनमोहक घाटियाँ इसे विशेष बनाती हैं। प्राकृतिक सुंदरता के कारण पुंछ को ‘छोटा कश्मीर’ भी कहा जाता है। यहाँ विभिन्न धर्मों के मंदिर, गुरुद्वारे और मस्जिदें स्थित हैं। धार्मिक विविधता के कारण इसे ‘देवभूमि’ भी कहा जाता है।
पुंछ क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ
नंगाली साहिब – पुंछ से लगभग पाँच किलोमीटर की दूरी पर गुरुद्वारा नंगाली साहिब स्थित है। इसकी स्थापना संत भाई मेला सिंह जी ने की थी। यह गुरुद्वारा द्रंगुली नाले के किनारे स्थित है। संत भाई मेला सिंह जी जिस गुफा में रहते थे, वह गुफा आज भी सुरक्षित है। गुरुद्वारे में आज भी गुरु का लंगर चलता है।
गुरुद्वारे के मुख्य तीन भाग हैं—संतों-महंतों की देहरियाँ, मोदी खाना और दीवान घर। नंगाली साहिब का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व बहुत अधिक है। यहाँ वैसाखी के अवसर पर बड़ा मेला लगता है और दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
बुड्ढा अमरनाथ जी – बुड्ढा अमरनाथ जी का प्रसिद्ध देव स्थान पुंछ से लगभग बाईस किलोमीटर दूर मंडी की सुंदर घाटी में स्थित है। इसके पास लोरन नाला बहता है और चारों ओर घने जंगल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं।
बुड्ढा अमरनाथ जी का मंदिर सुंदर चकमक पत्थर से बना हुआ है। मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियाँ स्थापित हैं। यहाँ श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर एक बड़ा मेला आयोजित किया जाता है। दशनामी अखाड़े से बुड्ढा अमरनाथ जी की पवित्र छड़ी की यात्रा निकलती है, जिसमें साधु-संतों की मंडलियाँ भी शामिल होती हैं। इस अवसर पर लोगों में एकता, श्रद्धा और भाईचारे की सुंदर भावना दिखाई देती है।
राजौरी क्षेत्र का प्रमुख तीर्थ
शाहदरा शरीफ – राजौरी से लगभग पैंतीस किलोमीटर दूर शाहदरा शरीफ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल और ज़ियारत है। यहाँ सूफ़ी संत गुलाम शाह का मकबरा स्थित है। कहा जाता है कि गुलाम शाह ने इसी स्थान पर चालीस दिनों तक साधना की थी।
पीर साहिब के खड़ाऊँ, हथौड़ा, आसन और कटोरा आज भी यहाँ सुरक्षित रखे हुए हैं। शाहदरा शरीफ में विभिन्न धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ आते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मन्नतें माँगते हैं। यह स्थान धार्मिक सद्भाव, आपसी प्रेम और भाईचारे का प्रतीक है।
Poonch Aur Rajouri Ke Prasidh Tirathsthan Word Meanings
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तीर्थ स्थल | पवित्र स्थान। |
| उल्लेखनीय | लिखने योग्य। |
| सीमावर्ती | सरहद्दी। |
| आकर्षण | खिंचाव। |
| संप्रदायों | पंथों। |
| देवभूमि | देवताओं की धरती। |
| दार्शनिक | दर्शन शास्त्र के जानकार। |
| परोपकारी | दूसरों का भला करने वाला। |
| निरंतर | लगातार। |
| मुख्यतः | प्रधानतः। |
| रमणीय | सुंदर। |
| रोचक | दिलचस्प। |
| चिकित्सा | इलाज। |
| अनिवार्य | ज़रूरी। |
| आस्था | विश्वास, श्रद्धा। |
| बहुमूल्य | बहुत कीमती। |
| ज़ियारत | दर्शनीय स्थान, तीर्थयात्रा। |
सप्रसंग व्याख्या एवं अर्थग्रहण संबंधी प्रश्नोत्तर
- पुंछ जम्मू से 245 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह सीमावती क्षेत्र प्रकृतिक सौंदर्य के लिए आकर्षण का केंद्र है। इसे छोटा कश्मीर भी कहते हैं। विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के लोग यहाँ एक साथ मिलकर रहते हैं। पुंछ नगर में अत्यधिक मंदिर, गुरुद्वारे, मस्जिदें आदि होने के कारण इसे देवभूमि कह सकते हैं। यहाँ के ऊँचे पर्वत शिखर, घने वन, निर्मल जल के स्रोत, कल-कल करती नदियों और चौड़े मैदान मन को मोह लेते हैं।
प्रसंग – ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2’ में संकलित पाठ ‘पुंछ और राजौरी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान’ से ली गई हैं, जिस में पुंछ और राजौरी में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का वर्णन किया गया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लेखक पुंछ नगर का वर्णन करते हुए लिखता है कि पुंछ जम्मू से 245 किलोमीटर दूर है। यह सरहदी इलाका है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता में सबके आकर्षण का केंद्र है। इसे छोटा कश्मीर भी कहा जाता है। यहाँ अलग-अलग धर्म-संप्रदाय के लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं। पुंछ शहर में बहुत अधिक मंदिर, गुरुद्वारे तथा मस्जिदें हैं, इसलिए इसे देवभूमि भी कहते हैं । यहाँ की ऊँची-ऊँची पहाड़ों की चोटियाँ, घने जंगल, स्वच्छ पानी के स्रोत, शोर मचाती हुई नदियाँ और खुले चौड़े मैदान मन को बहुत मोहित करते हैं।
- पुंछ नगर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर गुरुद्वारा ‘नंगाली साहिब‘ स्थित है। यह संतपुरा नंगाली साहिब के नाम से भी जाना जाता है। इस गुरुद्वारे की स्थापना लगभग दो सौ वर्ष हुए संत भाई मेला सिंह जी ने की थी। वे बड़े दार्शनिक और परोपकारी संत थे । वे संत भाई रोचा सिंह जी के शिष्य थे जिनको दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिक्ख पंथ का प्रचार करने के लिए पुंछ और कश्मीर भेजा था।
प्रसंग – ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2’ में संकलित पाठ ‘पुंछ और राजौरी के प्रसिद्ध तीर्थस्थान’ में से ली गई हैं, जिसमें पुंछ और राजौरी में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का वर्णन किया गया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लेखक गुरुद्वारा नंगाली साहिब की स्थापना के संबंध में लिखता है कि गुरुद्वारा नंगाली साहिब पुंछ नगर से पाँच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । इस गुरुद्वारे को संतपुरा नंगाली साहिब के नाम से भी जानते हैं। इस गुरुद्वारे की स्थापना आज से लगभग दो सौ वर्ष पहले संत भाई मेला सिंह जी ने की थी। वे बहुत बड़े- दार्शनिक तथा दूसरों का भला करने वाले संत थे। वे संत भाई रोचा सिंह जी के शिष्य थे, जिन्हें दसवें गुरु श्री गोबिंद सिंह जी ने सिक्ख पंथ का प्रचार करने के लिए पुंछ और कश्मीर भेजा था।
- बुड्ढा अमरनाथ जी का मंदिर एक सुंदर चकमक शिला से बना हुआ है। इसके भीतर उसी शिला का एक खंड भगवान शंकर के रूप में पूजा जाता है। मंदिर में शिव, पार्वती और गणेश जी की मूर्तियाँ भी स्थापित की गई हैं। शिवजी पर चढ़ाया जाने वाला जल प्रणाली से बहकर मंदिर में ही कहीं समा जाता है।
प्रसंग – ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2’ में संकलित पाठ ‘पुंछ और राजौरी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान’ में से ली गई हैं, जिसमें पुंछ और राजौरी के कुछ प्रसिद्ध तीर्थस्थलों का वर्णन किया गया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लेखक पुंछ से लगभग बाईस किलोमीटर दूर स्थित बुड्ढा अमरनाथ जी के मंदिर के संबंध में लिखता है कि यह मंदिर एक सुंदर चकमक पत्थर की शिला से बना हुआ है। इस के अंदर इसी चकमक शिला के एक हिस्से की भगवान शंकर के रूप में पूजा की जाती है। इस मंदिर में शिव, पार्वती तथा गणेश जी की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। शिव जी पर चढ़ाया जाने वाला जल किसी प्रणाली द्वारा बहकर मंदिर में ही कहीं समा जाता है।
- राजौरी नगर से लगभग पैंतीस किलोमीटर की दूरी पर ‘शाहदरा शरीफ़‘ नामक मकबरा है। गुलाम शाह साहिब का जन्म रावलपिंडी के एक गाँव के सैय्यद परिवार में हुआ था। किशोरावस्था में ही घर त्याग कर ईश्वर की खोज में निकल पड़े थे। घूमते-घूमते पुंछ आए। जीवन के अंतिम वर्ष उन्होंने ‘शाहदरा शरीफ़‘ में बिताए । यहाँ उन्होंने चालीस दिन इबादत की।
प्रसंग – ये पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘पुष्प भाग 2’ में संकलित पाठ ‘पुंछ और राजौरी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान’ से ली गई गई हैं, जिसमें पुंछ और राजौरी के कुछ प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों का वर्णन किया गया है।
व्याख्या – इन पंक्तियों में लेखक राजौरी नगर से लगभग पैंतीस किलोमीटर दूर स्थित तीर्थस्थल ‘शाहदरा शरीफ़’ का वर्णन करते हुए लिखता है कि यह एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है । ‘शाहदरा शरीफ़’ में महान् सूफी पीर गुलाम शाह का मकबरा बना हुआ है। गुलाम शाह साहिब का जन्म रावलपिंडी के एक गाँव के सैय्यद परिवार में हुआ था। वे किशोरावस्था में घर छोड़कर ईश्वर की तलाश में निकल पड़े थे और घूमते-घूमते पुंछ आ गए थे। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्ष शाहदरा शरीफ़ में ही व्यतीत किए थे। यहीं उन्होंने चालीस दिनों तक पूजा-पाठ किया था।
Poonch Aur Rajouri Ke Prasidh Tirathsthan Chapter Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
बोध और विचार
प्रश्न 1. जम्मू से पुंछ कितनी दूरी पर स्थित है?
उत्तर – जम्मू से पुंछ 245 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
प्रश्न 2. पुंछ के किन्हीं तीन देवस्थलों के नाम लिखें।
उत्तर – पुंछ के तीन देवस्थल- गुरुद्वारा नंगाली साहिब, बुड्ढा अमरनाथ जी का मंदिर तथा रामकुंड मंदिर हैं।
प्रश्न 3. नंगाली – साहिब गुरुद्वारे की स्थापना किसने की थी?
उत्तर – नंगाली-साहिब गुरुद्वारे की स्थापना संत भाई मेला सिंह जी ने की थी।
प्रश्न 4. ‘शाहदरा शरीफ’ की ज़ियारत किसके नाम से प्रसिद्ध है?
उत्तर – शाहदरा शरीफ की ज़ियारत सूफ़ी पीर गुलाम शाह के नाम से प्रसिद्ध है।
प्रश्न 5. ‘शाहदरा शरीफ’ के बारे में पाँच वाक्य लिखें।
उत्तर- शाहदरा शरीफ के बारे में पाँच वाक्य-
(क) शाहदरा शरीफ राजौरी से लगभग पैंतीस किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
(ख) यह एक प्रसिद्ध दर्शनीय स्थान है।
(ग) इसमें सूफ़ी पीर गुलाम शाह का मकबरा है।
(घ) गुलाम शाह ने यहाँ चालीस दिन इबादत की थी।
(ङ) विभिन्न धर्मों के लोग यहाँ आकर मन्नतें माँगते हैं।
प्रश्न 6. बुड्ढा अमरनाथ जाने वाली ‘छड़ी-यात्रा’ का वर्णन करें।
उत्तर – बुड्ढा अमरनाथ की छड़ी यात्रा दशनामी अखाड़े से निकलती है। इस शोभा यात्रा में अखाड़े के स्वामी जी महाराज एक सुसज्जित पालकी में विराजमान होते हैं। साधु- संतों की मंडलियाँ झंडे फहराती हुई और तुरही बजाती हुई साथ-साथ चलती हैं।
प्रश्न 7. ‘चिल्ला’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर – चिल्ला का अर्थ है- चालीस दिन तक इबादत करना।
प्रश्न 8. बुड्ढा अमरनाथ से संबंधित पौराणिक कथा लिखें।
उत्तर – बुड्ढा अमरनाथ से संबंधित पौराणिक कथा यह है कि पुंछ की महारानी चंद्रिका बुढ़ापे के कारण कश्मीर घाटी में स्थित स्वामी अमरनाथ की यात्रा न कर सकी। वह बहुत दुःखी हुई। उसने भगवान् शिव की तपस्या की। भगवान् शिव ने उसे स्वप्न में कहा- मैं आपको लोरन नाले के किनारे दर्शन दूँगा। आखिर भगवान शिव वृद्ध रूप में प्रकट हुए और महारानी को दर्शन दिये। तब से यह तीर्थ बुड्ढा अमरनाथ कहलाने लगा।
भाषा अध्ययन
- नीचे दिए गए मूल शब्दों से तीन-तीन शब्द बनाएँ :
शोभा, काल, स्वच्छ, धर्म, खंड
जैसे: तप-तपस्या, आतप, तपस्वी।
उत्तर – शोभा – शोभनीय, शोभित, शोभायमान।
काल – कालिक, अकाल, महाकाल।
स्वच्छ – स्वच्छता, अस्वच्छ, सुस्वच्छ।
धर्म – धार्मिक, अधर्म, धर्मात्मा।
खंड – खंडित, अखंड, खंडन।
- ‘प्र‘ उपसर्ग से बने तीन शब्द बनाएँ।
उत्तर- प्रसार, प्रकार, प्रखर ।
- नीचे दिए गए अनेक शब्दों के लिए एक-एक शब्द लिखें: 1. चालीस दिन की इबादत। 2. जिसकी संतान न हो। 3. जो मन को मोह ले। 4. जहाँ पहुँचना कठिन हो ।
उत्तर-
| 1. चालीस दिन की इबादत | चिल्ला |
|---|---|
| 2. जिसकी संतान न हो | निस्संतान |
| 3. जो मन को मोह ले | मनमोहक |
| 4. जहाँ पहुँचना कठिन हो | दुर्गम |
- नीचे बायीं ओर कुछ विशेषण दिए गए हैं और दायीं ओर उनके विशेष्य। किंतु ये दोनों आमने-सामने न होकर ऊपर-नीचे हैं। प्रत्येक विशेषण के साथ उपयुक्त विशेष्य रिक्त स्थान पर लिखें :
जैसे:
| प्राकृतिक | संत | सौंदर्य |
|---|---|---|
| 1. धार्मिक | क्षेत्र | |
| 2. स्वच्छ | स्थल | |
| 3. सीमावर्ती | जल | |
| 4. घने | सौंदर्य | |
| 5. दार्शनिक | वन |
उत्तर-
| प्राकृतिक | संत | सौंदर्य |
|---|---|---|
| 1. धार्मिक | क्षेत्र | स्थल |
| 2. स्वच्छ | स्थल | जल |
| 3. सीमावर्ती | जल | क्षेत्र |
| 4. घने | सौंदर्य | वन |
| 5. दार्शनिक | वन | संत |
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. पुंछ जम्मू से कितने किलोमीटर की दूरी पर है ?
(क) 200 किलोमीटर
(ख) 250 किलोमीटर
(ग) 300 किलोमीटर
(घ) 245 किलोमीटर
उत्तर- (घ) 245 किलोमीटर
प्रश्न 2. छोटा कश्मीर किसे कहा जाता है ?
(क) पुंछ
(ख) जम्मू
(ग) राजौरी
(घ) (क) और (ग)।
उत्तर- (क) पुंछ।
प्रश्न 3. किसके कारण इसे देवभूमि कहा जाता है?
(क) मंदिर
(ख) गुरुद्वारे
(ग) मस्जिदें
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर- (घ) उपरोक्त सभी ।
प्रश्न 4. पुंछ को क्या कहा जाता है ?
(क) छोटा कश्मीर
(ख) देवभूमि
(ग) (क) और (ख)
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर- (ग) (क) और (ख)।
प्रश्न 5. नंगाली साहिब की स्थापना किसने की ?
(क) संत भाई मेला सिंह
(ख) भाई मोला सिंह
(ग) भाई शाह सिंह
(घ) उपरोक्त सभी।
उत्तर- (क) संत भाई मेसिंह।
Ladakh Ka Vivah Utsav Class 7 Hindi Chapter 14 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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