“कामचोर” JKBOSE के कक्षा 8 (Class 8th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का आठवाँ अध्याय है। यह पाठ इस्मत चुगताई द्वारा लिखित है। यह पोस्ट Kaamchor Class 8 Hindi Chapter 9 Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में पाठ”कामचोर” ” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Kya Narash Hua Jaye Class 8 Chapter 8 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Kaamchor Class 8 Hindi Chapter 9 Question Answers
Kaamchor Class 8 Hindi Chapter 9 Summary
पाठ का सार/ प्रतिपाद्य
‘कामचोर’ इस्मत चुगताई द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कहानी है। इसमें लेखिका ने कामचोरी और बच्चों की नासमझी पर व्यंग्य किया है। कहानी यह भी बताती है कि माता-पिता बच्चों को बचपन से काम करने की आदत नहीं डालते और बाद में उनके निठल्लेपन से परेशान होते हैं।
घर में बहुत से नौकर होने के बावजूद बच्चे कोई काम नहीं करते थे। एक दिन उन्हें ‘कामचोर’ कहे जाने पर उन्होंने स्वयं काम करने का निश्चय किया। बच्चों ने सबसे पहले दरी साफ करने का प्रयास किया, लेकिन पानी डालकर पूरे घर में कीचड़ और गंदगी फैला दी। इसके बाद वे पेड़ों को पानी देने लगे। पानी भरने के लिए नल पर ऐसी धक्का-मुक्की हुई कि बर्तन टूटने लगे और बच्चे कीचड़ में गिर पड़े।
फिर बच्चों ने मुर्गियों को पकड़कर बंद करने की कोशिश की, लेकिन मुर्गियाँ इधर-उधर भागने लगीं और घर में और अधिक अव्यवस्था फैल गई। इसके बाद उन्होंने भेड़ों को दाना डालना शुरू किया। भूखी भेड़ों ने घर में उत्पात मचा दिया और सब्जियाँ भी खराब कर दीं।
अंत में बच्चों ने भैंस का दूध निकालने की कोशिश की। उन्होंने भैंस के पैर बाँधने का प्रयास किया, लेकिन भैंस रस्सी छुड़ाकर भाग गई और चाचा जी की चारपाई तक घसीट ले गई। बछड़े को खोलने पर भैंस रुक गई, लेकिन तब तक दूध, बाल्टी और दूसरे सामान का भी नुकसान हो चुका था।
पूरे घर में टूट-फूट और अव्यवस्था देखकर अम्मा बहुत परेशान हुईं और उन्होंने बच्चों को काम से दूर रखने की बात कही। अंत में अब्बा ने सभी बच्चों को पंक्ति में खड़ा करके चेतावनी दी कि यदि किसी बच्चे ने घर की चीज़ को हाथ लगाया तो रात का खाना बंद कर दिया जाएगा। इस प्रकार कहानी हास्य और व्यंग्य के माध्यम से बताती है कि काम करना केवल इच्छा से नहीं, बल्कि सही तरीके और अभ्यास से सीखा जाता है।
Kaamchor Class 8 Hindi Chapter 9 Word Meanings
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्दों | अर्थ |
|---|---|
| वाद-विवाद | तर्क-वितर्क, बहस। |
| कामचोर | काम से जी चुराने वाला। |
| ऊधम | शोर मचाना। |
| ख्याल | ध्यान। |
| दबैल | दबने वाला, दुर्बल। |
| हरगिज | बिल्कुल। |
| शाही फ़रमान | राजा का आदेश। |
| दुहाई | कसम। |
| मिसाल | उदाहरण। |
| मैली | गंदी। |
| आँगन | घर के बीच खुला स्थान। |
| तनख्वाह | वेतन। |
| अब्बा | पिता जी। |
| अम्मा | माता जी। |
| याचना | माँगना। |
| बेदम | बिना दम के। |
| मजाल | हिम्मत। |
| दूसम-ठास | बलपूर्वक भरे हुए, धक्का-मुक्की। |
| धींगा मुश्ती | धक्का-मुक्की। |
| कायल | दीवाना |
| दड़बे | मुर्गीखाना, डिब्बा। |
| लुथड़े | सने हुए। |
| तरकारी वाली | सब्ज़ी वाली। |
| पिल पड़े | टूट पड़े। |
| अगाड़ी-पिछाड़ी | आगे-पीछे। |
| भूचाल | भूकंप। |
| तत्काल | उसी समय। |
| छपाक | ध्वनि उत्पन्न करते हुए, एक दम से |
| मातम | शोक। |
| दालान | बरामदा, ओसारा। |
| सूप | पकाई हुई दाल, दाल का पानी। |
Kaamchor Class 8 Hindi Chapter Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
कहानी से
प्रश्न 1. कहानी में ‘मोटे-मोटे किस काम के हैं’ ? किन के बारे में और क्यों कहा गया?
उत्तर— कहानी में ‘मोटे-मोटे’ शब्द घर के बच्चों के लिए प्रयोग किया गया है। बच्चों को यह इसलिए कहा गया क्योंकि वे सारा दिन ऊधम मचाते थे और अपना कोई काम स्वयं नहीं करते थे। वे हर छोटी-बड़ी चीज़ के लिए नौकरों को आदेश देते थे। इसलिए उन्हें कामचोर और निठल्ला समझकर ‘मोटे-मोटे’ कहा गया है।
प्रश्न 2. बच्चों के ऊधम मचाने के कारण घर की क्या दुर्दशा हुई?
उत्तर— बच्चों के ऊधम मचाने से पूरे घर की हालत खराब हो गई। उन्होंने दरी पर पानी डालकर कीचड़ कर दिया और बर्तनों की तोड़-फोड़ कर दी। मुर्गियों और भेड़ों को इधर-उधर दौड़ाने से घर का सामान अस्त-व्यस्त हो गया। भैंस का दूध निकालने के प्रयास में भी काफी गंदगी और टूट-फूट हुई। इस प्रकार पूरा घर अव्यवस्थित और गंदा हो गया।
प्रश्न 3. ‘या तो बच्चाराज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।” अम्मा ने कब कहा और इसका परिणाम क्या हुआ?
उत्तर— अम्मा ने यह बात तब कही जब बच्चों ने काम करने के नाम पर पूरे घर में उत्पात मचा दिया और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। घर की दुर्दशा देखकर अम्मा बहुत परेशान हो गईं। इसके बाद अब्बा ने सभी बच्चों को पंक्ति में खड़ा करके चेतावनी दी कि यदि किसी ने घर की किसी वस्तु को हाथ लगाया तो उसका रात का खाना बंद कर दिया जाएगा।
प्रश्न 4. ‘कामचोर’ कहानी क्या संदेश देती है?
उत्तर— ‘कामचोर’ कहानी संदेश देती है कि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। प्रत्येक व्यक्ति को अपना काम स्वयं करने की आदत डालनी चाहिए। माता-पिता को भी बच्चों को बचपन से छोटे-छोटे काम स्वयं करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। दूसरों पर निर्भर रहने से व्यक्ति कामचोर और निकम्मा बन जाता है।
प्रश्न 5. क्या बच्चों ने उचित निर्णय लिया कि अब चाहे कुछ भी हो जाए, हिलकर पानी भी नहीं पिएँगे?
उत्तर—बच्चों का ये निर्णय कि ‘अब हम हिलकर पानी भी नहीं पिएंगे’ सर्वथा अनुचित है । इस निर्णय का सबसे बड़ा दोष उनको बाल-प्रवृत्ति है। इससे उनके मन में आलस्य की भावना बढ़ती जाएगी। आयु के साथ उनकी यह विचारधारा और भी अधिक पक्की होती जाएगी। वे जीवन में अपने आप कोई भी कार्य कभी नहीं कर पाएँगे। आलस्य व्यक्ति का सबसे बड़ा शत्रु होता है। नन्हे बालक अपने बालपन में ये बातें समझ नहीं पाते हैं। अतः बच्चों द्वारा लिया गया निर्णय सर्वथा अनुचित है।
कहानी से आगे
प्रश्न 1. घर के सामान्य काम हों या अपना निजी काम प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप उन्हें करना आवश्यक क्यों है?
उत्तर— प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार काम करना चाहिए। इससे वह काम को रुचि और लगन से कर पाता है तथा उसमें सफलता भी मिलती है। अपनी क्षमता के अनुसार किया गया काम व्यक्ति में आत्मविश्वास और कार्य-कुशलता बढ़ाता है। इसलिए सामान्य हो या निजी, हर काम अपनी योग्यता के अनुसार करना आवश्यक है।
प्रश्न 2. भरा-पूरा परिवार कैसे सुखद बन सकता है और कैसे दुःखद ? ‘कामचोर’ कहानी के आधार पर निर्णय कीजिए।
उत्तर— भरा-पूरा परिवार तभी सुखद बनता है जब सभी सदस्य मिल-जुलकर रहें और अपने कामों को आपस में बाँटकर करें। एक-दूसरे की सहायता करने से घर में प्रेम और शांति बनी रहती है। इसके विपरीत, जब कुछ लोग काम करते हैं और दूसरे केवल आदेश देते हैं, तो काम का बोझ बढ़ जाता है और घर में झगड़े तथा अशांति पैदा होती है। इसलिए परिवार के सभी सदस्यों को अपने-अपने काम में सहयोग देना चाहिए।
प्रश्न 3. बड़े होते बच्चे माता-पिता के सहयोगी हो सकते हैं और किस प्रकार भार । कामचोर कहानी के आधार पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर— बड़े होते बच्चे घर के छोटे-बड़े कामों में माता-पिता का हाथ बँटा सकते हैं। वे अपने निजी काम स्वयं करके तथा घर की जिम्मेदारियों में सहयोग देकर माता-पिता का बोझ कम कर सकते हैं। वे परिवार के आवश्यक निर्णयों में भी अपनी समझ के अनुसार सहायता कर सकते हैं। इस प्रकार बच्चे माता-पिता के अच्छे सहयोगी बन सकते हैं।
प्रश्न 4. ‘कामचोर’ कहानी एकल परिवार की कहानी है या संयुक्त परिवार की ? इन दोनों तरह के परिवारों में क्या-क्या अंतर होते हैं ?
उत्तर— ‘कामचोर’ कहानी एक संयुक्त परिवार की कहानी है। संयुक्त परिवार में दादा-दादी, माता-पिता, बच्चे और अन्य सदस्य मिल-जुलकर रहते हैं तथा एक-दूसरे की सहायता करते हैं। इसके विपरीत, एकल परिवार में माता-पिता और उनके बच्चे ही साथ रहते हैं। संयुक्त परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होती है और आपसी सहयोग तथा सामूहिक जिम्मेदारियाँ अधिक होती हैं, जबकि एकल परिवार में सदस्य कम होते हैं और जिम्मेदारियाँ मुख्यतः माता-पिता पर होती हैं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1. घरेलू नौकरों को हटाने की बात किन-किन परिस्थितियों में उठ सकती है ? विचार कीजिए।
उत्तर— घरेलू नौकरों को निम्न परिस्थितियों में हटाने की बात उठ सकती है—
- जब वे अपना काम ईमानदारी से न करें।
- काम में लापरवाही या रुचि न दिखाएँ।
- घर के सामान की चोरी करें।
- परिवार के सदस्यों से दुर्व्यवहार करें।
- घर के बच्चों या बुजुर्गों का उचित ध्यान न रखें।
- घर में झगड़ा या अशांति पैदा करें।
- बच्चों को बुरी आदतें सिखाएँ।
- अनुशासनहीन या अत्यधिक झगड़ालू व्यवहार करें।
- वे गाली गलोच करते हों।
- आस-पड़ोस के अन्य नौकरों से लड़ते-झगड़ते हों।
प्रश्न 2. कहानी में एक समृद्ध परिवार के ऊधमी बच्चों का चित्रण है। आपके अनुमान से उनकी आदत क्यों बिगड़ी होगी ? उन्हें ठीक ढंग से रहने के लिए आप क्या क्या सुझाव देना चाहेंगे ?
उत्तर— इन बच्चों की आदत इसलिए बिगड़ी होगी क्योंकि घर के बड़े लोग उनके छोटे-बड़े सभी काम नौकरों से करवाते थे। बच्चों को स्वयं काम करने का अवसर नहीं मिलता था, जिससे उनमें आलस्य की आदत पड़ गई।
उन्हें अपने निजी काम स्वयं करने चाहिए और घर के छोटे-छोटे कार्यों में माता-पिता की सहायता करनी चाहिए। उन्हें समय का महत्व समझना चाहिए, अनुशासन में रहना चाहिए और मिल-जुलकर काम करने की आदत डालनी चाहिए। माता-पिता को भी बच्चों को आवश्यकता से अधिक सुविधाएँ देकर कामचोर नहीं बनाना चाहिए।
प्रश्न 3. किसी सफल व्यक्ति की जीवनी से उसके विद्यार्थी जीवन की दिनचर्या के बारे में पढ़ें और सुव्यवस्थित कार्यशैली पर एक लेख लिखें।
उत्तर— मैंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की विद्यार्थी जीवन की दिनचर्या के बारे में पढ़ा। वे बहुत साधारण परिवार से थे और कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा प्राप्त करते थे। वे समय के पाबंद थे और अपने काम स्वयं करते थे। वे कई मील पैदल चलकर विद्यालय जाते थे तथा घर के कामों में भी परिवार की सहायता करते थे। वे अपने बड़ों का सम्मान करते और सभी के साथ प्रेम से व्यवहार करते थे।
उनकी दिनचर्या अनुशासित और सुव्यवस्थित थी। वे कठिन परिश्रम और समय के सदुपयोग में विश्वास रखते थे। उनकी यही कार्यशैली आगे चलकर उनकी सफलता का आधार बनी और वे देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री बने।
भाषा की बात
“धुली-बेधुली बाल्टी लेकर आठ हाथ चार थनों पर पिल पड़े।” धुली शब्द से पहले ‘बे‘ लगाकर ‘बेधुली‘ बना है जिसका अर्थ है ‘बिना धुली‘ ‘वे‘ एक उपसर्ग है। ‘वे‘ उपसर्ग से बनने वाले कुछ और शब्द हैं- बेतुका, बेईमान, बेघर, बेचैन, बेहोश आदि । आप भी नीचे लिखे उपसर्गों से बनने वाले शब्द खोजिए-
- प्र. 2. आ, 3. भर, 4. बद ।
उत्तर-
| उपसर्ग | शब्द |
|---|---|
| 1. प्र | प्रबल, प्रसन्न, प्रगति, प्रवाहित प्रदान, प्रयत्न। |
| 2. आ | आचरण, आश्रम, आकुल, आजन्म, आदान, आजीवन। |
| 3. भर | भरपेट, भरपूर, भरसक, भरपाई, भरमार। |
| 4. बद | बदनाम, बदबू, बदमाश, बदकिस्मत, बदतर, बदसूरत। |
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें
- आखिर ये …………. किस काम के हैं।
- लीजिए, पानी के …………. के पास ही …………. युद्ध हो गया।
- अब सब …………. से भी …………. गए।
- इधर यह …………. मची थी, उधर दूसरे बच्चे भी …………. नहीं थे।
- इन्हें किसी …………. शांति नहीं।
उत्तर-
- आखिर ये मोटे-मोटे किस काम के हैं।
- लीजिए, पानी के मटकों के पास ही घमासान युद्ध हो गया।
- अब सब आँगन से भी निकाले गए।
- इधर यह प्रलय मची थी, उधर दूसरे बच्चे भी लापरवाह नहीं थे।
- इन्हें किसी करवट शांति नहीं।
बहु-विकल्पीय प्रश्न
- ‘कामचोर‘ कहानी की लेखिका हैं-
(क) महादेवी वर्मा
(ख) इस्मत चुगताई
(ग) कृष्णा सोबती
(घ) जया जादवानी।
उत्तर- (ख) इस्मत चुगताई
- ‘यह भला काम करेंगे‘ – किसका कथन है-
(क) अम्मा का
(ख) अब्बा का
(ग) दीदी का
(घ) दादी का।
उत्तर- (क) अम्मा का
- घमासान युद्ध किस के पास हुआ-
(क) मुर्गियों के दड़बे के पास
(ख) पानी के मटकों के पास
(ग) भैंस का दूध निकालते हुए
(घ) भेड़ों को खाना देते हुए।
उत्तर- (ख) पानी के मटकों के पास
- ‘सचमुच हमें खयाल आया कि हम आख़िर काम क्यों नहीं करते‘ में ‘हम‘ कौन हैं—
(क) अब्बा
(ख) दीदी
(ग) बच्चे
(घ) हज्जन।
उत्तर- (ग) बच्चे
- बच्चे किसके सपने देखते हुए काम में जुट गए-
(क) पिकनिक पर जाने के
(ख) सिनेमा जाने के
(ग) मिठाई मिलने के
(घ) तनख्वाह मिलने के।
उत्तर- (घ) तनख्वाह मिलने के।
- बुजुर्ग जरा-जरा सी बात पर क्या कर रहे थे-
(क) शाबासी दे रहे थे
(ख) टोक रहे थे
(ग) हुक्म दे रहे थे
(घ) परेशान कर रहे थे।
उत्तर- (ख) टोक रहे थे।
- दरी पर पानी छिड़कने से धूल का क्या हुआ-
(क) बह गई
(ख) जम गई
(ग) कीचड़ बन गई
(घ) धुल गई।
उत्तर- (ग) कीचड़ बन गई
- पेड़ों को पानी देने के लिए सब लोग किस पर टूट पड़े-
(क) कुँए पर
(ख) नल पर
(ग) बालटियों पर
(घ) पेड़ों पर।
उत्तर- (ख) नल पर
- कीचड़ में लथपथ बच्चों को नहलवाने के लिए नौकरों को प्रति बच्चा कितने आने दिए गए-
(क) दो
(ख) चार
(ग) आठ
(घ) दस।
उत्तर- (ख) चार
- दो मुर्गियाँ किन प्यालों पर होकर निकल गईं-
(क) खीर के
(ख) हलवे के
(ग) सब्ज़ी के
(घ) दूध के।
उत्तर- (क) खीर के
Kaamchor Class 8 Hindi Chapter 9 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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