“लाख की चूड़ियाँ” JKBOSE के कक्षा 8 (Class 8th of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्य-पुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का दूसरा अध्याय है। यह पाठ (कामतानाथ) द्वारा लिखित है। यह पोस्ट Laakh Ki Chudiyan Class 8 Chapter 2 Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में पाठ”लाख की चूड़ियाँ” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने Dhwani Class 8 Hindi Chapter 1 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Laakh Ki Chudiyan Class 8 Chapter 2 Question Answers
Laakh Ki Chudiyan Class 8 Chapter 2 Summary
पाठ का सारा प्रतिपाद्य
‘लाख की चूड़ियाँ’ श्री कामतानाथ द्वारा लिखा गया एक भावात्मक निबंध है। इसमें लेखक ने ग्रामीण जीवन, लघु उद्योग, पारंपरिक कारीगरी तथा बदलते समय के प्रभाव का सुंदर चित्रण किया है। लाख की चूड़ियाँ प्राचीन परंपरा, मेहनत और कारीगरों के हुनर की प्रतीक हैं।
बदलू लेखक के मामा के गाँव का रहने वाला मनिहार था। वह लाख की बहुत सुंदर चूड़ियाँ बनाता था। लेखक उसे प्यार से ‘काका’ कहकर पुकारता था और बचपन में उसके पास काफी समय बिताता था। बदलू का घर कच्चा था और उसके सामने नीम का पेड़ था। वह उसी के नीचे बैठकर भट्टी में लाख पिघलाकर चूड़ियाँ बनाता था। उसका स्वभाव बहुत सीधा-सादा और विनम्र था। गाँव की लगभग सभी स्त्रियाँ उसकी बनाई हुई चूड़ियाँ पहनती थीं और दूर-दूर से लोग चूड़ियाँ खरीदने आते थे।
बदलू को काँच की चूड़ियाँ बिल्कुल पसंद नहीं थीं। उसका मानना था कि हाथ से बनाई गई लाख की चूड़ियों की सुंदरता मशीन से बनी चूड़ियों में नहीं हो सकती। वह शहर में काँच की चूड़ियों के बढ़ते प्रचलन को देखकर दुखी होता था।
लेखक के पिता की बदली हो जाने के कारण वह कई वर्षों तक गाँव नहीं जा सका। लगभग आठ-दस वर्ष बाद जब वह गाँव लौटा, तो उसने देखा कि अधिकांश स्त्रियाँ काँच की चूड़ियाँ पहनने लगी थीं। उसे बदलू की याद आई और वह उससे मिलने उसके घर पहुँचा। बदलू ने बताया कि मशीनों के बढ़ते प्रभाव के कारण हाथ से किए जाने वाले कामों का महत्व कम हो गया है और उसका चूड़ियों का व्यवसाय भी लगभग समाप्त हो गया है। उसकी आर्थिक स्थिति भी पहले जैसी नहीं रही थी।
कुछ समय बाद लेखक ने बदलू की बेटी रज्जो के हाथों में लाख की सुंदर चूड़ियाँ देखीं। बदलू ने बताया कि यह उसके द्वारा बनाया गया आखिरी जोड़ा है। इसे देखकर लेखक को लगा कि बदलू परिस्थितियों से भले ही हार गया हो, लेकिन उसके अंदर का आत्मसम्मान और हिम्मत अभी भी जीवित है। उसका व्यक्तित्व काँच की चूड़ियों जैसा कमजोर और आसानी से टूटने वाला नहीं था।
Laakh Ki Chudiyan Class 8 Chapter 2 Word Meanings
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्दों | अर्थ |
|---|---|
| लाख | लाल रंग का एक विशेष पदार्थ। |
| दहकना | तेज़ी से जलना। |
| मचिया | बैठने की एक वस्तु। |
| मनिहार | चूड़ी बनाने और बेचने वाला। |
| वस्तु-विनिमय | वस्तु के बदले वस्तु देकर कुछ खरीदना। |
| कुढ़ उठना | जल-भुन जाना। |
| नाजुक | कमज़ोर। |
| सहसा | अचानक। |
| आँगन | घर के बीच में खुला स्थान। |
| चबूतरा | पेड़ और मकान के साथ ज़मीन से कुछ ऊपर उठा हुआ पक्का स्थान। |
| स्मृतिपटल | मस्तिष्क। |
| अतीत | बीता हुआ समय। |
| मशीन युग | तकनीक का युग। |
| व्यथा | पीड़ा। |
| बखत | समय। |
| निगाह | दृष्टि, नज़र। |
Laakh Ki Chudiyan Class 8 Chapter Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
कहानी से
प्रश्न 1. बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था और बदलू को ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ क्यों कहता था?
उत्तर: लेखक अपने मामा के गाँव बड़े चाव से जाता था क्योंकि वहाँ बदलू मनिहार उसे बहुत अच्छा लगता था। बदलू उसे रंग-बिरंगी लाख की गोलियाँ बनाकर देता था, जो उसे बहुत पसंद थीं। लेखक बदलू को ‘मामा’ न कहकर ‘काका’ इसलिए कहता था क्योंकि गाँव के सभी बच्चे उसे ‘बदलू काका’ कहकर पुकारते थे।
प्रश्न 2. वस्तु-विनिमय क्या है? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है?
उत्तर: किसी वस्तु के बदले दूसरी वस्तु लेना वस्तु-विनिमय पद्धति कहलाता है। जैसे बिना पैसे दिए एक वस्तु देकर दूसरी वस्तु प्राप्त करना। वर्तमान समय में यह पद्धति लगभग समाप्त हो चुकी है और वस्तुओं की खरीद-बिक्री के लिए धन का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 3. ‘मशीनी युग ने कितने हाथ काट दिए हैं।’ इस पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?
उत्तर: इस पंक्ति में लेखक ने मशीनी युग के कारण बढ़ती बेरोज़गारी और बेकारी की समस्या की ओर संकेत किया है। मशीनें कई लोगों का काम अकेले कर देती हैं, जिससे अनेक लोगों के रोजगार छिन जाते हैं। इससे ग्रामीण कारीगरों और छोटे व्यवसायियों की पीड़ा सामने आती है।
प्रश्न 4. बदलू के मन में ऐसी कौन-सी व्यथा थी, जो लेखक से छिपी न रह सकी?
उत्तर: बदलू के मन में अपना रोज़गार छिन जाने की व्यथा थी। मशीनों के बढ़ते प्रचलन के कारण उसकी लाख की चूड़ियों का काम लगभग समाप्त हो गया था। उसकी स्थिति देखकर लेखक उसकी पीड़ा को समझ गया।
प्रश्न 5. मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया?
उत्तर: मशीनी युग के कारण बदलू का चूड़ियों का व्यवसाय लगभग बंद हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई और उसकी गाय भी बिक गई। उसका शरीर कमजोर हो गया तथा उसे फसली खाँसी भी रहने लगी। इस प्रकार, रोजगार छिनने से उसका जीवन बहुत कठिन हो गया।
कहानी से आगे
प्रश्न 1. आपने मेले-बाज़ार आदि में हाथ से बनी चीज़ों को बिकते देखा होगा। आपके मन में किसी चीज़ को बनाने की कला सीखने की इच्छा हुई हो और आपने कोई कारीगरी सीखने का प्रयास किया हो तो उसके विषय में लिखिए।
उत्तर— मैंने मेले में मिट्टी के बने रंग-बिरंगे खिलौने देखे हैं। उन्हें देखकर मेरे मन में भी खिलौने बनाने की इच्छा हुई। मैंने कुम्हार से चिकनी मिट्टी लेकर खिलौने बनाने का प्रयास किया। बाद में अपनी बहन से यह कला सीखी और अब मैं अच्छे खिलौने बना लेता हूँ।
प्रश्न 2. लाख की वस्तुओं का निर्माण भारत के किन-किन राज्यों में होता है? लाख से चूड़ियों के अतिरिक्त क्या-क्या चीजें बनती हैं?
उत्तर— भारत में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक आदि राज्यों में लाख की वस्तुएँ बनाई जाती हैं। राजस्थान का जयपुर लाख की वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध है। लाख से चूड़ियों और कंगनों के अलावा सुंदर खिलौने, आभूषण तथा सजावटी वस्तुएँ भी बनाई जाती हैं।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1. घर में मेहमान आने पर आप उसका अतिथि-सत्कार कैसे करेंगे?
उत्तर— घर में मेहमान आने पर हम उनका आदर और सम्मान करेंगे। उन्हें प्रेमपूर्वक बैठाएँगे और मधुरता से बातचीत करेंगे। उन्हें जलपान करवाएँगे तथा उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखेंगे। हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे उन्हें असुविधा हो। इस प्रकार अतिथि का सम्मान करना अपना कर्तव्य समझेंगे।
प्रश्न 2. आपको छुट्टियों में किसके घर जाना सबसे अच्छा लगता है? वहाँ की दिनचर्या अलग कैसे होती है?
उत्तर— मुझे छुट्टियों में अपनी नानी के घर जाना सबसे अच्छा लगता है। नानी का घर गाँव में है, जहाँ चारों ओर हरियाली और पेड़-पौधे हैं। वहाँ की दिनचर्या शहर से अलग होती है। सुबह पशुओं को चारा देना, उनका दूध निकालना और उन्हें नहलाना जैसे काम किए जाते हैं। घर में दूध से मक्खन और पनीर बनाना भी मुझे बहुत अच्छा लगता है।
प्रश्न 3. मशीनी युग में अनेक परिवर्तन आए दिन होते रहते हैं। अपने आस-पास के किसी ऐसे परिवर्तन का उदाहरण दीजिए।
उत्तर— मेरे आसपास मशीनी युग का एक बड़ा परिवर्तन बिजली से चलने वाली मोटरसाइकिल है। मेरे पड़ोसी ऐसी मोटरसाइकिल लाए हैं, जिसे बिना किक मारे केवल बटन दबाकर चलाया जा सकता है। इसे बिजली से चार्ज करना पड़ता है। यह आधुनिक तकनीक का अच्छा उदाहरण है और मुझे बहुत रोचक लगता है।
प्रश्न 4. बाज़ार में बिकने वाले सामानों की डिज़ाइनों में हमेशा परिवर्तन होता रहता है। आप इन परिवर्तनों को किस प्रकार देखते हैं?
उत्तर— आज विज्ञान और तकनीक का युग है, इसलिए बाजार में वस्तुओं के डिज़ाइन लगातार बदलते रहते हैं। इसका मुख्य कारण लोगों की बदलती रुचि और आवश्यकताएँ हैं। कोई छोटा आकार पसंद करता है तो कोई आकर्षक रंग और नया डिजाइन। इसलिए वस्तुओं को अधिक सुंदर, उपयोगी और सुविधाजनक बनाने के लिए उनमें समय-समय पर परिवर्तन किए जाते हैं।
प्रश्न 5. हमारे खान-पान, रहन-सहन और कपड़ों में भी बदलाव आ रहा है। इस बदलाव के पक्ष-विपक्ष में बातचीत कीजिए और बातचीत के आधार पर लेख तैयार कीजिए।
उत्तर— आज विज्ञान और तकनीक के कारण हमारे खान-पान, रहन-सहन और कपड़ों में बहुत बदलाव आया है। इन परिवर्तनों के कुछ लाभ हैं तो कुछ हानियाँ भी हैं।
खान-पान में फास्ट फूड का चलन बढ़ गया है। कुछ लोग इसे सुविधाजनक मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं मानते। इसी प्रकार रहन-सहन में भी आधुनिक सुविधाएँ बढ़ गई हैं। इससे जीवन आरामदायक हुआ है, लेकिन अधिक सुविधाओं के कारण लोगों में आलस्य भी बढ़ सकता है।
कपड़ों में भी आधुनिकता का प्रभाव दिखाई देता है। लोग अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार नए-नए प्रकार के कपड़े पहनते हैं। कुछ लोग इसे आधुनिकता और समय के साथ बदलाव मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपनी संस्कृति से दूर जाने का कारण मानते हैं।
इस प्रकार, परिवर्तन जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन हमें आधुनिकता अपनाते समय अपनी संस्कृति, स्वास्थ्य और मूल्यों का भी ध्यान रखना चाहिए।
भाषा की बात
- ‘बदलू को किसी बात से चिढ़ थी तो काँच की चूड़ियों से, और बदलू स्वयं कहता है – ” जो सुंदरता काँच की चूड़ियों में होती हैं लाख में कहाँ संभव है ?” ये पंक्तियाँ बदलू की दो प्रकार की मनोदशाओं को सामने लाती है। दूसरी पंक्ति में उसके मन की पीड़ा है। उसमें व्यंग्य भी है। हारे हुए मन से या दुखी मन से अथवा व्यंग्य में बोले गए वाक्यों के अर्थ सामान्य नहीं होते। कुछ व्यंग्य वाक्यों को ध्यानपूर्वक समझकर एकत्र कीजिए और उनके भीतरी अर्थ की व्याख्या करके लिखिए।
उत्तर- (1) ‘बदलू को किसी बात से चिढ़ थी तो काँच की चूड़ियों से। ‘
(2) ” जो सुंदरता काँच की चूड़ियों में होती है लाख में कहाँ संभव है।”
व्याख्या – (1) लेखक कामतानाथ उक्त पंक्ति के माध्यम से बदलू मनिहार (चूड़ियाँ बेचने वाला) की मनोदशा को दर्शाना चाहते हैं । वे यह कहते हैं कि बदलू संसार में सबसे अधिक यदि किसी बात से चिढ़ता था तो वह काँच की चूड़ियाँ थीं। यहाँ काँच की चूड़ियाँ मशीनी युग के बढ़ते प्रचलन का प्रतीक हैं- जो उसे अंदर दुःख और कष्ट पहुँचाती हैं। यहाँ कारण है कि बदलू काँच की चूड़ियों से चिढ़ता है।
(2) लेखक कामतानाथ ने उक्त पंक्ति बदलू मनिहार के मुख से कहलवाई है जो समाज में मशीनी युग के बढ़ते प्रचलन पर कटाक्ष है। यह बात एक गहरा दर्द लिए हुए है। इस एक पंक्ति में समाज के एक बहुत बड़े वर्ग के कष्ट और पीड़ा की छाप लगी हुई है। क्योंकि मशीनी युग ने सभी छोटे व्यवसायियों के हाथ काटकर रख दिए हैं।
- ‘बदलू’ कहानी की दृष्टि से पात्र है और भाषा की बात (व्याकरण) की दृष्टि से संज्ञा है । किसी भी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, विचार अथवा भाव को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा को तीन भेदों में बांटा गया है (क) व्यक्ति वाचक संज्ञा, जैसे- लला, रज्जो, आम, काँच, गाय इत्यादि,
(ख) जातिवाचक संज्ञा, जैसे- चरित्र, स्वभाव, वज़न, आकार आदि द्वारा जानी जाने वाली संज्ञा । (ग) भाववाचक संज्ञा, जैसे- सुंदरता, नाजुक, प्रसन्नता इत्यादि जिसमें कोई व्यक्ति नहीं हैं और न आकार न वज़न । परंतु उसका अनुभव होता है। पाठ से तीनों प्रकार की संज्ञाएँ चुनकर लिखिए ।
उत्तर – व्यक्तिवाचक संज्ञा – बदलू, जनार्दन, लाख, नीम ।
जातिवाचक संज्ञा – बेटी, वधू, लड़के, बच्चे, चूड़ियाँ, मामा, लाख, औरतें ।
भाववाचक संज्ञा – अच्छा, सुंदरता, चाव, दहकना, नाजुक, खिलाना, प्रसन्नता, व्यक्तित्व निहारता ।
- गाँव की बोली में कई शब्दों के उच्चारण बदल जाते हैं। कहानी में बदलू वक्त (समय) को बखत, उम्र ( वय/आयु) को उमर कहता है। इस तरह के अन्य शब्दों को लिखिए जिनके रूप में परिवर्तन हुआ हो, अर्थ में नहीं।
उत्तर – मज़दूरी – मजूरी, विवाह-ब्याह, मूंछ- मोछ, क्षमा-खमा, मल्हार – मल्लार, टाइम-टेम, स्टेशन – टेशन आदि।
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें
- सारे गाँव में …………….. मुझे सबसे अच्छा आदमी लगता था।
- जिसमें एक पुराना …………… का वृक्ष लगा था।
- बदलू …………….. था।
- लेकिन …………….. बड़ा खतरनाक होता है।
- गोरी-गोरी कलाइयों पर …………….. की चूड़ियाँ।
उत्तर-
- सारे गाँव में बदलू मुझे सबसे अच्छा आदमी लगता था।
- जिसमें एक पुराना नीम का वृक्ष लगा था।
- बदलू मनिहार था।
- लेकिन काँच बड़ा खतरनाक होता है।
- गोरी-गोरी कलाइयों पर लाख की चूड़ियाँ।
बहु-विकल्पीय प्रश्न
- ‘लाख की चूड़ियाँ’ पाठ के लेखक हैं-
(क) कमलनाथ
(ख) कामतानाथ
(ग) कामेश्वर नाथ
(घ) कमलेश्वर नाथ।
उत्तर- (ख) कामतानाथ
- सारे गाँव में लेखक को कौन सब से अच्छा आदमी लगता था ?
(क) बबलू
(ख) बब्बन
(ग) बदलू
(घ) बल्लन।
उत्तर- (ग) बदलू
- बदलू लेखक को किसकी गोलियाँ बनाकर देता था ?
(क) काँच की
(ख) लोहे की
(ग) रबड़ की
(घ) लाख की।
उत्तर- (घ) लाख की।
- लेखक बदलू को क्या कहता था ?
(क) काका
(ख) मामा
(ग) नाना
(घ) दादा।
उत्तर- (क) काका
- बदलू के मकान के सामने बड़ा-सा क्या था ?
(क) खेत
(ख) सहन
(ग) चबूतरा
(घ) तालाब।
उत्तर- (ख) सहन
- बदलू के सहन में कौन-सा वृक्ष लगा था ?
(क) आम का
(ग) नीम का
(ख) आँवले का
(घ) जामुन का ।
उत्तर- (ग) नीम का
- बदलू -लाख से बनाता था-
(क) बर्तन
(ख) मूर्तियाँ
(ग) चित्र
(घ) चूड़ियाँ।
उत्तर- (घ) चूड़ियाँ।
- बदलू चूड़ियाँ किस पर बैठकर बनाता था ?
(क) खटिया
(ख) मचिया
(ग) मूड़ा
(घ) फ़र्श ।
उत्तर- (ख) मचिया
- बदलू लेखक को क्या कहकर पुकारता था ?
(क) बच्चा
(ख) मुन्ना
(ग) लला
(घ) बचुआ।
उत्तर- (ग) लला
- बदलू को कैसी चूड़ियों से चिढ़ थी ?
(क) काँच की
(ख) सोने की
(ग) लाख की
(घ) चाँदी की।
उत्तर- (क) काँच की।
Laakh Ki Chudiyan Class 8 Chapter 2 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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