“बाज और साँप” JKBOSE की कक्षा 8 (Class 8 of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्यपुस्तक पुष्प भाग 2 हिंदी का सोलहवां अध्याय है। यह पाठ निर्मल वर्मा द्वारा लिखित है। यह पोस्ट Baaj Aur Saanp Class 8 Chapter 16 Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में पाठ”बाज और साँप” ” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने पोस्ट Prem Chand Class 8 Chapter 15 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Baaj Aur Saanp Class 8 Chapter 16 Question Answers
Baaj Aur Saanp Class 8 Chapter 16 Summary
पाठ का सार / प्रतिपाद्य
‘बाज और साँप’ निर्मल वर्मा की एक प्रतीकात्मक कहानी है। इसमें लेखक ने साहस, स्वतंत्रता और जोखिम उठाकर जीवन जीने का संदेश दिया है।
समुद्र के किनारे एक अँधेरी गुफा में साँप रहता था। वह अपनी गुफा में सुरक्षित जीवन बिताता और बाहर समुद्र की लहरों तथा प्रकृति के सुंदर दृश्यों को देखता रहता था। एक दिन एक घायल बाज उड़ते-उड़ते उसकी गुफा में आ गिरा। उसके पंख घायल थे, फिर भी उसे अपने स्वतंत्र और आनंदमय जीवन पर गर्व था। बाज ने साँप से कहा कि उसने खुले आकाश में उड़कर जीवन का आनंद लिया है, जबकि साँप हमेशा गुफा में ही पड़ा रहेगा।
बाज ने अपनी अंतिम इच्छा के रूप में एक बार फिर आकाश में उड़ने की इच्छा व्यक्त की। साँप ने उसे उड़ने के लिए प्रेरित किया। बाज ने पूरी शक्ति से उड़ने का प्रयास किया, लेकिन घायल होने के कारण वह समुद्र में गिर पड़ा और उसकी मृत्यु हो गई।
बाज को देखकर साँप के मन में भी आकाश में उड़ने की इच्छा जागी। उसने स्वयं उड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह चट्टान पर गिर पड़ा। चोट न लगने पर उसने निष्कर्ष निकाला कि उड़ना उसके लिए व्यर्थ है और सुरक्षित होकर रेंगना ही बेहतर है।
अंत में समुद्र की लहरों के गीत से साँप को पता चलता है कि बाज की मृत्यु कायरता नहीं, बल्कि साहस और स्वतंत्रता के लिए दिया गया बलिदान थी। लहरें उन वीरों की प्रशंसा करती हैं जो जोखिम उठाकर जीवन जीते हैं और मृत्यु से नहीं डरते।
इस प्रकार कहानी हमें सिखाती है कि सुरक्षित और सीमित जीवन जीने की अपेक्षा साहस, स्वतंत्रता और ऊँचे लक्ष्य के लिए प्रयास करना अधिक महत्वपूर्ण है।
Baaj Aur Saanp Class 8 Chapter Word Meanings
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| एकाएक | अचानक। |
| लथपथ | सना हुआ/भीगा हुआ। |
| जख्म | चोट। |
| अधमरा | मार-मार कर बुरी हालत करना। |
| आरामदेह | आराम के लायक। |
| दरार | दीवार, चट्टान या पृथ्वी के बीच फटने की लकीर। |
| दुर्गंध | बदबू। |
| करुण चीख | दयायुक्त चीख। |
| सिटपिटाना | दब जाना, मंद पड़ जाना, संकुचित होकर चुप होना। |
| व्याकुल | बेचैन। |
| सिर धुनना | लगातार बोलते रहना। |
| चट्टान की खोखल | गुफा। |
| ओझल होना | गायब होना, लुप्त होना। |
| आकर्षण | खिंचाव। |
| खज़ाना | धन। |
| बूते | हिम्मत। |
| स्वच्छंदता | आज़ादी। |
| गुण गाना | प्रशंसा करना। |
| सिर चकराना | परेशान होना। |
| दिल कांपना | डर जाना। |
| प्राणों को हथेली पर रखना | मरने को तैयार रहना। |
Baaj Aur Saanp Class 8 Chapter Question Answers
अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
शीर्षक और नायक
प्रश्न 1. लेखक ने इस कहानी का शीर्षक कहानी के दो पात्रों के आधार पर रखा है। लेखक ने बाज और साँप को ही क्यों चुना ? आपस में चर्चा कीजिए।
उत्तर— ‘बाज और साँप’ दो पात्रों के माध्यम से जीवन की दो अलग सोच को प्रस्तुत करती है। बाज स्वतंत्रता, साहस और जोखिम उठाने का प्रतीक है, जबकि साँप सुरक्षित और सीमित जीवन का। दोनों के चरित्र एक-दूसरे के विपरीत हैं, इसलिए लेखक ने इन्हीं के नाम पर कहानी का शीर्षक रखा है।
कहानी से
प्रश्न 1. घायल होने के बाद भी बाज ने यह क्यों कहा, “मुझे कोई शिकायत नहीं है।” विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर— बाज ने अपने जीवन में स्वतंत्र होकर आकाश में उड़ने और अपनी इच्छाओं के अनुसार जीवन जीने का आनंद लिया था। उसने साहस और उत्साह से जीवन बिताया था। इसलिए घायल होने के बाद भी उसे अपने जीवन से कोई शिकायत नहीं थी।
प्रश्न 2. बाज जिंदगी भर आकाश में ही उड़ता रहा, फिर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?
अथवा
बाज घायल होने के बाद भी आकाश में क्यों उड़ना चाहता था?
उत्तर— बाज स्वतंत्रता का जीवन जीना चाहता था। वह घायल होकर भी लाचार होकर पड़े रहना नहीं चाहता था। उसे खुले आकाश में स्वच्छंद उड़ना बहुत प्रिय था। इसलिए उसने फिर से उड़ने की इच्छा की।
प्रश्न 3. साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था । फिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?
उत्तर— बाज की बातें सुनकर साँप के मन में भी आकाश में उड़ने की इच्छा जाग गई। उसके मन में यह जानने की जिज्ञासा हुई कि खुले आकाश में ऐसा क्या आनंद है, जिसके लिए बाज मृत्यु का खतरा भी उठाता है। इसी कारण उसने उड़ने की कोशिश की।
प्रश्न 4. बाज के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?
उत्तर— बाज एक साहसी और स्वतंत्र पक्षी था। उसने घायल होने पर भी हिम्मत नहीं छोड़ी और उड़ने का प्रयास किया। उसकी वीरतापूर्ण मृत्यु और साहस के सम्मान में लहरों ने उसके लिए गीत गाया था।
प्रश्न 5. घायल बाज को देखकर साँप खुश क्यों हुआ होगा?
उत्तर— साँप को लगा कि घायल बाज अब उसके लिए खतरा नहीं है। साथ ही, उसे बाज की हालत देखकर अपने सुरक्षित जीवन पर गर्व हुआ। इसलिए वह मन ही मन खुश हुआ और बाज पर व्यंग्य करने लगा।
कहानी से आगे
प्रश्न 1. कहानी में से वे पंक्तियाँ चुनकर लिखिए, जिनसे स्वतंत्रता की प्रेरणा मिलती हो।
उत्तर—
“आह! काश, मैं सिर्फ़ एक बार आकाश में उड़ पाता।”
“कम-से-कम उस आकाश का स्वाद तो चख लूँगा।”
“बाज में एक नई आशा जाग उठी।”
“हमारा गीत ज़िंदगी के उन दीवानों के लिए है जो मरकर भी मृत्यु से नहीं डरते।”
“तुम्हारा नाम बड़े गर्व और श्रद्धा से लिया जाएगा।”
“तुम्हारे खून की एक-एक बूँद जिंदगी के अँधेरे में प्रकाश फैलाएगी।”
प्रश्न 2. लहरों का गीत सुनने के बाद साँप ने क्या सोचा होगा ? क्या उसने फिर से उड़ने की कोशिश की होगी ? अपनी कल्पना से आगे की कहानी पूरी कीजिए।
उत्तर— लहरों का गीत सुनकर साँप ने बाज के साहस और बलिदान का महत्व समझा होगा। उसे महसूस हुआ होगा कि स्वतंत्रता और साहस जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। लेकिन अपनी प्रकृति को समझते हुए उसने शायद दोबारा उड़ने की कोशिश नहीं की होगी। उसने गुफा से बाहर निकलकर स्वतंत्र रूप से घूमने का निर्णय लिया होगा।
प्रश्न 3. क्या पक्षियों को उड़ते समय सचमुच आनंद का अनुभव होता होगा या स्वाभाविक कार्य में आनंद का अनुभव होता ही नहीं ? विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर— स्वाभाविक कार्य में भी आनंद का अनुभव होता है, यदि उसे मन और इच्छा से किया जाए। पक्षियों के लिए उड़ना स्वाभाविक है और वे खुले आकाश में उड़कर आनंद का अनुभव करते हैं। बाज इसका अच्छा उदाहरण है, जिसे उड़ना बहुत प्रिय था।
प्रश्न 4. मानव ने भी हमेशा पक्षियों की तरह उड़ने की इच्छा की है। आज मनुष्य उड़ने की इच्छा किन साधनों से पूरी करता है?
उत्तर— मनुष्य प्राचीन समय से ही आकाश में उड़ने की इच्छा रखता आया है। आज उसने विज्ञान की सहायता से इस इच्छा को पूरा कर लिया है। अब मनुष्य हवाई जहाज़, हेलीकॉप्टर, ग्लाइडर, रॉकेट और अंतरिक्ष यान आदि के द्वारा आकाश में उड़ता है।
अनुमान और कल्पना
यदि इस कहानी के पात्र बाज और साँप न होकर कोई और होते तब कहानी कैसी होती? अपनी कल्पना से लिखिए।
उत्तर – कहानी तब भी ऐसी ही होती। प्रत्येक प्राणी उसी वातावरण और स्वतंत्रता को पसंद करता है जिस में वह जीवन प्राप्त कर जीवित रहता है। हम मानव धरती पर रहकर जीवन व्यतीत करते हैं परंतु कभी आसमान में रहने की सोचते हैं तो कभी पानी के नीचे । अपने वैज्ञानिक उपकरणों से ऐसा करने का प्रयत्न भी करते हैं परंतु फिर भी जीवन का वास्तविक सुख तो हमें धरती पर ही प्राप्त होता है ।
भाषा की बात
प्रश्न 1. कहानी में से अपनी पसंद के पाँच मुहावरे चुनकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
उत्तर- 1. आँखों से ओझल होना = गायब होना, लुप्त होना
वाक्य – रावण को खरी-खोटी सुनाकर अंगद उसकी आँखों से ओझल हो गया।
- डींगें मारना = गप्प मारना
वाक्य – राकेश चाहे डींगें मारता है, लेकिन वास्तव में वह पैसे पैसे के लिए मरता है।
- गुण गान = प्रशंसा करना
वाक्य- जब रमेश ने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया तो सभी उसका गुणगान करने लगे।
- सिर धुनना = पछताना
वाक्य- अब सिर धुनने से कुछ नहीं बनेगा, यदि बेटे की बुरी आदतों को देखकर पहले ही संभल जाते तो दिन न देखना पड़ता।
- जान हथेली पर रखना = मरने की बिल्कुल परवाह न करना।
वाक्य – रणक्षेत्र में भारत के वीर सदा जान हथेली पर रखकर लड़ते हैं।
प्रश्न 2. ‘आरामदेह‘ शब्द में ‘देह‘ प्रत्यय है। यहाँ ‘देह‘ ‘देनेवाला‘ के अर्थ में प्रयुक्त है। देनेवाला के अर्थ में ‘द‘, ‘प्रद‘, ‘दाता‘, ‘दाई‘ आदि का प्रयोग भी होता है; जैसे – सुखद, सुखदाता, सुखदाई, सुखप्रद । उपर्युक्त समानार्थी प्रत्ययों को लेकर दो-दो शब्द बनाइए।
उत्तर-
| प्रत्यय | प्रत्यय युक्त शब्द |
|---|---|
| 1. द | सुखद, दुखद |
| 2. दाता | जीवनदाता, अन्नदाता |
| 3. दाई | दुखदाई, कष्टदाई |
| 4. प्रद | लाभप्रद, शिक्षाप्रद। |
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें
- पर्वत की …………… घाटियों में एक …………… भी बहती थी।
- डर से …………… अपने कोने में …………… गया।
- खुले …………… को देखकर उसकी …………… चमक उठीं।
- अपनी …………… से बड़ा …………… और कहीं नहीं है।
- तुमने अपना जीवन …………… कर दिया किंतु फिर भी तुम …………… हो।
उत्तर- 1. पर्वत की अँमोरी घाटियों में एक नदी भी बहती थी।
- डर से साँप अपने कोने में सिकुड़ गया।
- खुले आकाश को देखकर उसकी आँखें चमक उठीं।
- अपनी खोखल से बड़ा सुख और कहीं नहीं है।
- तुमने अपना जीवन बलिदान कर दिया किंतु फिर भी तुम अमर हो।
Baaj Aur Saanp Class 8 Chapter 16 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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