“जम्मू-कश्मीर में हिंदी” JKBOSE की कक्षा 8 (Class 8 of JKBOSE) के छात्रों की पाठ्यपुस्तक पुष्प भाग 3 हिंदी का उन्नीसवां अध्याय है। यह पोस्ट Jammu Kashmir Mein Hindi Class 8 Chapter 19 Question Answers के बारे में है। इस पोस्ट में पाठ”जम्मू-कश्मीर में हिंदी” ” के शब्दार्थ, सरलार्थ और उससे जुड़े कुछ प्रश्न उत्तर पढ़ेंगे। पढ़ेंगे। पिछली पोस्ट में, आपने पोस्ट Surdas Ke Padh Class 8 Chapter 18 Question Answers के बारे में पढ़ा। आइए शुरू करें:

Jammu Kashmir Mein Hindi Class 8 Chapter 19 Question Answers
Jammu Kashmir Mein Hindi Class 8 Chapter Summary
पाठ का सार
‘जम्मू-कश्मीर में हिंदी’ पाठ में लेखक ने जम्मू-कश्मीर में हिंदी भाषा के विकास और उसके प्रचार-प्रसार का वर्णन किया है। जम्मू-कश्मीर में हिंदी के साथ कश्मीरी, डोगरी और लद्दाखी जैसी भाषाएँ भी बोली जाती हैं।
प्राचीन समय में साधु-संतों, भक्तों, कवियों, यात्रियों और व्यापारियों के माध्यम से हिंदी का प्रसार जम्मू-कश्मीर में हुआ। सूरदास, तुलसीदास, कबीर और मीरा जैसे भक्त कवियों की रचनाओं ने भी हिंदी को लोगों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरे क्षेत्रों से आकर जम्मू-कश्मीर में बसे लोगों के बीच आपसी व्यवहार की भाषा के रूप में भी हिंदी का प्रयोग होता रहा।
पाठ में बताया गया है कि कश्मीर के अनेक भक्त कवियों ने अपने भक्ति-भाव को व्यक्त करने के लिए हिंदी में रचनाएँ कीं। जम्मू के प्रथम हिंदी कवि के रूप में देवीदत्त भड़वाल ‘दत्तू’ का उल्लेख मिलता है। उन्होंने ‘वीरविलास’ नामक ग्रंथ की रचना की। हिंदी को जम्मू-कश्मीर में सरकारी संरक्षण भी प्राप्त हुआ, जिससे इसके विकास को और गति मिली।
आज हिंदी के प्रचार-प्रसार में विद्यालयों, महाविद्यालयों, समाचार-पत्रों, रेडियो, दूरदर्शन, सिनेमा और साहित्य का महत्वपूर्ण योगदान है। इस प्रकार हिंदी जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच संपर्क और अभिव्यक्ति की महत्वपूर्ण भाषा के रूप में विकसित हुई है।
Jammu Kashmir Mein Hindi Class 8 Chapter Question Answers
बोध और विचार
1.) जम्मू-कश्मीर में बोली जाने वाली भाषाओं के नाम लिखें।
उत्तर— जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी, हिंदी, डोगरी और लद्दाखी भाषाएँ बोली जाती हैं।
2. प्राचीन काल में जम्मू-कश्मीर में हिंदी का प्रचार किनके द्वारा हुआ?
उत्तर— प्राचीन काल में साधु-संतों, यात्रियों, भक्त कवियों और व्यापारियों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में हिंदी का प्रचार हुआ। सूरदास, तुलसीदास, मीरा और कबीर जैसे कवियों के दोहों और पदों ने भी हिंदी के प्रचार में योगदान दिया।
3. हिंदी भाषा का संबंध संसार के कौन-से भाषा-परिवार से है?
उत्तर— हिंदी भाषा का संबंध भारोपीय अर्थात् भारत-यूरोपीय भाषा-परिवार से है।
4. कश्मीर के भक्त कवि हिंदी में क्यों कविता करना चाहते थे?
उत्तर— कश्मीर के भक्त कवि अपने भक्ति-भाव और धार्मिक विचारों को व्यक्त करने के लिए हिंदी में कविता करना चाहते थे।
5. जम्मू के प्रथम हिंदी कवि का पूरा नाम क्या था? वे किस नाम से प्रसिद्ध हुए?
उत्तर— जम्मू के प्रथम हिंदी कवि का पूरा नाम देवीदत्त भड़वाल था। वे ‘दत्तू’ नाम से प्रसिद्ध हुए।
6. ‘वीरविलास’ नामक ग्रंथ के कवि का नाम लिखें।
उत्तर— ‘वीरविलास’ नामक ग्रंथ के कवि देवीदत्त भड़वाल (दत्तू) हैं।
7. हिंदी को जम्मू-कश्मीर में कब सरकारी संरक्षण मिला?
उत्तर— सन् 1857 से 1865 के बीच हिंदी को जम्मू-कश्मीर में सरकारी संरक्षण मिला।
8. जम्मू-कश्मीर की सरकारी भाषाओं के नाम लिखें।
उत्तर— जम्मू-कश्मीर की सरकारी भाषाएँ उर्दू, अंग्रेजी, कश्मीरी, डोगरी और हिंदी हैं।
9. हिंदी हमारे देश की राष्ट्रभाषा क्यों बन गई?
उत्तर— हिंदी सरल और आसानी से समझी जाने वाली भाषा है। यह देश के विभिन्न भागों में व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है। इसलिए इसका देश में विशेष महत्व है।
10. आजकल जम्मू-कश्मीर में हिंदी का प्रचार तथा प्रसार किन माध्यमों से हो रहा है?
उत्तर— आजकल जम्मू-कश्मीर में स्कूलों, कॉलेजों, समाचार-पत्रों, रेडियो, दूरदर्शन, सिनेमा और साहित्य के माध्यम से हिंदी का प्रचार-प्रसार हो रहा है।
भाषा-अध्ययन।
‘सामाजिक’ शब्द का अर्थ है समाज से संबंधित। यह विशेषण है। प्रस्तुत पाठ में से कई और शब्द प्रयुक्त हुए हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखें तथा उनके वाक्य बनाएँ।
अहिंदीतर – हिंदी के अलावा, हिंदी छोड़ कर
व्यवहारिक – व्यवहार से संबंधित
साहित्यिक- साहित्य से संबंधित
साप्ताहिक – सप्ताह में एक बार
Jammu Kashmir Mein Hindi Class 8 Chapter 19 Question Answers के बारे में बस इतना ही। आशा है कि आपको यह उपयोगी लगा होगा। आप इस पोस्ट के बारे में अपने विचार नीचे टिप्पणी अनुभाग (comment section) में साझा करें।
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